नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बच्चों और किशोरों के बीच सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन गेम के बढ़ते उपयोग को विनियमित करने के लिए शुक्रवार को सरकार से एक कानून लाने का अनुरोध किया।
उन्होंने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आजकल घंटों तक बच्चे रील, वीडियो गेम और ‘स्क्रोलिंग’ में लगे रहते हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘इससे बच्चों और किशोरों में कम उम्र में ही स्मार्ट फोन की लत लग रही है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।’’
उन्होंने कहा कि इससे जुड़ा एक और गंभीर विषय यह है कि युवाओं के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी का तेजी से प्रसार हो रहा है।
हुड्डा ने कहा, ‘‘एविएटर जैसे खेल में, वर्चुअल विमान से उड़ान भरने के साथ पैसे बढ़ने का लालच दिया जाता है। लूडो जैसे खेलों में भी सट्टेबाजी सामान्य चीज हो गई है।’’
उन्होंने दावा किया कि सट्टा आधारित खेलों का फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया साइट पर खुले आम प्रचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा ‘साइबर धौंस जमाने’ के कृत्य और ऑनलाइन उत्पीड़न हो रहे हैं तथा डेटा की गोपनीयता से जुड़े बहुत गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने उल्लेख किया कि विश्व के कई देशों में इसे लेकर बहुत कड़े नियम बनाये गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों/किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस में 15 साल से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया के उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। चीन में प्रतिदिन केवल एक से दो घंटे का ‘स्क्रीन टाइम’ निर्धारित किया गया है। अमेरिका के कुछ प्रांतों में रात्रिकालीन प्रतिबंध लगाये गए हैं।’’
कांग्रेस सांसद ने सरकार से इस समस्या पर गौर करने और बच्चों एवं किशोरों के बीच सोशल मीडिया के उपयोग का विनियमन करने का आग्रह किया।
भाषा
सुभाष वैभव
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