MP Ramnavami Politics News/Image Credit: IBC24.in File Photo
MP Ramnavami Politics News: भोपाल: मध्यप्रदेश में आज रामनवमी के अवसर पर पूरा प्रदेश राम भक्ति में डूबा नजर आ रहा है, तो वहीं प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश के श्रीराम से जुड़े सात प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भगवान श्रीराम के प्राकट्य पर्व के भव्य आयोजन कर रही हैं। इन आयोजनों को लेकर जहां एक ओर भक्ति का माहौल है, (MP Ramnavami Politics News) वहीं दूसरी ओर सियासत भी तेज हो गई है।
भगवान राम के प्राकट्य पर्व श्रीरामनवमी की चहुँओर धूम है। आस्था और भक्ति में डूबे भक्त राममय हैं और मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने भी श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के उन 7 स्थानों पर श्रीराम प्राकट्य पर्व का आयोजन किया है, जो सीधे भगवान राम से जुड़े हैं श्रीराम राजा मंदिर प्रांगण ओरछा धाम (निवाड़ी), सतना जिले के चित्रकूट में भरत घाट, श्रीराम जानकी पंचायती मंदिर शहडोल, मंगल भवन परिसर उमरिया, जुगल किशोर मंदिर – पन्ना, अनूपपुर के कोतमा में स्थित सीतामढ़ी, और रायसेन के अहमदपुर में कई कार्यक्रम होंगे। (MP Ramnavami Politics News) यहां प्राकट्य पर्व पर नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका, गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संगम देखने को मिलेगा खुद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में आयोजित प्राकट्य पर्व पर शामिल होंगे।
मोहन सरकार जहां श्रीराम प्राकट्य पर्व मना रही है, तो अब इस पर सूबे की सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर धार्मिक आयोजनों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि, कमलनाथ सरकार ने राम वन गमन पथ के लिए बजट दिया था, लेकिन बीजेपी ने कोई काम नहीं किया, (MP Ramnavami Politics News) तो बीजेपी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा- राम सबके हैं,राम की कृपा वाली सरकार श्रीराम प्राकट्य पर्व मना रही है। कांग्रेस, अगर इतनी ही रामभक्त है तो ये बताए कि, राहुल और सोनिया गांधी श्रीराम मंदिर अयोध्या क्यों नहीं गए।
चाहे समय कोई भी हो..राम भारत के लिए अपरिहार्य हैं। राम के बिना भारत राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती, लेकिन मध्यप्रदेश में राम को लेकर जिस तरह से जुबानी जंग छिड़ी है उससे ये सवाल उठते हैं कि- रामवनगमन पथ के 7 स्थानों पर प्राकट्य पर्व मनाने के पीछे का सियासी संदेश क्या है? (MP Ramnavami Politics News) सवाल ये भी कि- आखिर कांग्रेस हर धार्मिक आयोजन में सियासत क्यों देखती है? सबसे बड़ा सवाल ये कि- क्या अब एमपी में भगवान राम के धामों के विकास को लेकर तेजी आएगी?
इन्हे भी पढ़ें:-