अरुणाचल प्रदेश में छह फुट चौड़े मार्गों का विकास कर रहा है बीआरओ

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अरुणाचल प्रदेश में छह फुट चौड़े मार्गों का विकास कर रहा है बीआरओ

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  • Publish Date - September 10, 2021 / 08:45 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:49 PM IST

ईटानगर, 10 सितंबर (भाषा) सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अरुणाचल प्रदेश के दूरवर्ती इलाकों में सड़क संपर्क सुधारने के लिए राज्य में छह फुट चौड़े मार्गों का विकास कर रहा है।

बीआरओ के सूत्रों ने शुक्रवार को यहां कहा कि संगठन के प्रोजेक्ट अरुणांक ने छह फुट चौड़े मार्गों के विकास को प्राथमिकता दी है और तीन साल के अंदर अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है।

बीआरओ ने ट्वीट किया, ‘‘अरुणाचल प्रदेश में बीआरओ ने हूरी-टापा मार्ग पर काम शुरू कर दिया है। यह अरुणाचल के दूरवर्ती इलाकों में उन्नत संपर्क और राज्य में बढ़ते सामाजिक-आर्थिक विकास की चुनौती पर समग्र तरीके से ध्यान देने के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है।’’

सूत्रों ने कहा कि बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी अपने अधिकारियों के साथ लगातार कार्य की प्रगति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरुणांक परियोजना में सीमावर्ती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी संरचना विकास की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

सूत्रों ने बताया कि छह फुट चौड़े मार्ग न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रभावित करेंगे बल्कि सीमावर्ती जिलों में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी वरदान साबित होंगे।

बीआरओ महानिदेशक ने ट्वीट किया, ‘‘जिन मार्गों का निर्माण किया जा रहा है, वो सभी अरुणाचल प्रदेश के दूरवर्ती भाग में हैं। इससे न केवल क्षेत्र में आबादी पुन: बसेगी, बल्कि सूमो और जीप जैसे वाहनों को भी इन पर चलाया जा सकेगा। बीआरओ दूर-दराज के इलाकों को राज्य के आंतरिक हिस्सों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।’’

भाषा वैभव प्रशांत

प्रशांत