बीआरएस हिटलर वाली टिप्पणी को लेकर रेड्डी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही: मंत्री श्रीधर बाबू

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बीआरएस हिटलर वाली टिप्पणी को लेकर रेड्डी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही: मंत्री श्रीधर बाबू

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  • Publish Date - June 8, 2026 / 09:46 PM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 09:46 PM IST

हैदराबाद, आठ जून (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की हिटलर वाली टिप्पणी को लेकर आलोचना कर रही भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर राज्य के उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू ने सोमवार को तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि बीआरएस ‘हिटलर’ शब्द का इस्तेमाल करके कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

बाबू ने कहा कि वह (रेड्डी) ‘हाइड्रा’ के बारे में बात करते समय सिर्फ नाजी तानाशाह की त्वरित फैसले लेने और कार्रवाई करने की क्षमता का जिक्र कर रहे थे, न कि उनकी हिंसक विचारधारा का।

बाबू ने हैदराबाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री का मतलब था कि जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ‘हिटलर’ शब्द का इस्तेमाल करके कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

बाबू ने कहा, “हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) अतिक्रमणकारियों के मन में भय पैदा कर रही है और कुछ लोग मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। बीआरएस नेता केटी रामाराव महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर की बात कर रहे हैं। यह सदी का सबसे बड़ा मजाक है।”

उन्होंने दावा किया कि बीआरएस के शासनकाल के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव कभी सचिवालय नहीं आए और आम लोगों को उनके शिविर कार्यालय-सह-सरकारी आवास तक पहुंच हासिल नहीं थी।

बाबू ने बीआरएस शासनकाल में फोन टैपिंग के आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या यह लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली थी? उन्होंने राव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान का एक वीडियो भी दिखाया।

इस वीडियो में राव यह कहते दिख रहे हैं, “मैं हिटलर बनना चाहता था। मुझे शर्म नहीं आती। अगर कोई सरकारी धन का अंधाधुंध दुरुपयोग करता है, तो हम न सिर्फ हिटलर, बल्कि उसके दादा की तरह ही व्यवहार करेंगे।”

बाबू ने वीडियो का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या राव ने मुख्यमंत्री रहते हुए हिटलर की विचारधारा को लागू किया था।

उन्होंने कहा कि हाइड्रा कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है और झीलों, अन्य जल निकायों और जमीनों को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त करा रही है।

बाबू ने कहा कि ऐसे जल निकायों के पास रहने वाले नागरिक हाइड्रा की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं और आश्चर्य जता रहे हैं कि अगर जमीनें अतिक्रमण से मुक्त हो जाती हैं, तो केटी रामाराव को बुरा क्यों लग रहा है।

रेड्डी की इस टिप्पणी को लेकर तेलंगाना में सियासी विवाद खड़ा हो गया है कि हाइड्रा की स्थापना का फैसला लेते समय उन्हें नाजी तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से प्रेरणा मिली थी।

भाषा पारुल संतोष

संतोष