बीएसएनएल निदेशक की यात्रा के दौरान इंतजाम की मांगें ‘बेतुकी’, ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी: सिंधिया

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बीएसएनएल निदेशक की यात्रा के दौरान इंतजाम की मांगें ‘बेतुकी’, ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी: सिंधिया

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 07:09 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 07:09 PM IST

नयी दिल्ली/लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के एक वरिष्ठ निदेशक के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के लिए आवश्यक इंतजाम किये जाने की मांगों को ‘‘बेतुकी और शर्मनाक’’ करार देते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि इस संबंध में ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।

मंत्री की ये टिप्पणी बीएसएनएल के निदेशक विवेक बंजल की आधिकारिक यात्रा से जुड़े व्यापक आतिथ्य प्रबंधों का विवरण सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद आयी है।

वहीं, विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे को निरस्त किए जाने के बाद दो वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले की खबर है।

सूत्रों के मुताबिक, कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारियों को तबादला आदेश मिले हैं। हालांकि सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इन विभागीय तबादलों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, जोगेश्वर वर्मा और बृजेंद्र कुमार सिंह का तबादला किया गया है, जो प्रयागराज में तैनात थे। बृजेंद्र को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में स्थानांतरित किया गया है, जबकि जोगेश्वर को राष्ट्रीय दूरसंचार क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।

बीएसएनएल के एक सूत्र ने बताया कि जोगेश्वर ने विवादित कार्यालय आदेश पर हस्ताक्षर किये थे, जिसमें बंजल की यात्रा के लिए लगभग 20 कार्य सौंपे गए थे।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 25-26 फरवरी को होने वाली बंजल की दो-दिवसीय यात्रा रद्द कर दी गई, जिसमें संगम में स्नान, नौका विहार और बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट तथा पातालपुरी मंदिरों के दर्शन सहित अन्य कार्यक्रम शामिल थे। लगभग 50 अधिकारियों को तकरीबन 20 जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, जिन्हें बंजल के लिए परिवहन, आवास और व्यक्तिगत व्यवस्था सहित यात्रा के हर पहलू को प्रबंधित करने के लिए निर्देशित किया गया था।

बंजल की प्रयागराज की दो-दिवसीय यात्रा को लेकर जारी कार्यालय आदेश में उनके लिए आवश्यक प्रसाधन एवं अन्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई थीं, जिनमें उनके अंत:वस्त्र, तौलिये, कंघी और आईने शामिल थे।

कार्यालय आदेश में छह ‘पुरुष किट’ और दो ‘महिला किट’ का इंतजाम करने के लिए कहा गया था।

सोशल मीडिया पर वायरल इस कार्यालय आदेश को लेकर लोगों का गुस्सा भड़का और उन्होंने सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए।

अधिकारियों के मुताबिक, बंजल के खिलाफ लंबित आधिकारिक जांच के कारण उनकी यह यात्रा रद्द कर दी गई है।

सिंधिया ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह घटना ‘‘अस्वीकार्य’’ है और सभी नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है।

सिंधिया ने कहा, ‘‘नये भारत में इस तरह का आदेश अस्वीकार्य है।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।

सिंधिया ने इसे ‘बेहद बेतुका’ और ‘स्तब्ध कर देने वाला’ करार दिया।

मामले को लेकर 59-वर्षीय बंजल से संपर्क नहीं हो सका। वह इस साल सितंबर में सेवानिवृत्त होंगे।

इस बीच, बीएसएनएल इंडिया ने 21 फरवरी को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बीएसएनएल के पास आधिकारिक दौरों के संचालन के संबंध में स्थायी निर्देश हैं। इनका पालन न करने का एक मामला संज्ञान में आया है। यह मामला बीएसएनएल के पेशेवर मानकों और मूल्यों के अनुरूप नहीं है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है।’’

बीएसएनएल की वेबसाइट के अनुसार, बंजल भारतीय दूरसंचार सेवा के 1987 बैच के अधिकारी हैं। उनके पास इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग डिग्री, कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर और एमबीए की डिग्री है। बंजल के पास भारत में दूरसंचार नेटवर्क क्षेत्र का 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

भाषा शफीक सुरेश

सुरेश