नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) दिल्ली के साकेत में इमारत ढहने के स्थल पर बचाव और मलबा हटाने का अभियान अंतिम चरण में है तथा आपातकालीन दल एहतियातन अब भी मौके पर तैनात हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने कहा कि जब तक क्षेत्र का ‘‘एक-एक इंच’’ साफ नहीं कर लिया जाता और यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा नहीं है, तब तक दल मौके पर तैनात रहेंगे।
पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 105 (गैर इरादतन हत्या), 290 (इमारत गिराने, मरम्मत या निर्माण आदि के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 125(ए) (दूसरों के जीवन या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बताया कि इमारत के फरार मालिक का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस दल गठित किए गए हैं।
दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक बहुमंजिला वाणिज्यिक इमारत ढहने से छह लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। इस इमारत में एक कोचिंग सेंटर, कैफे और कार्यालय थे।
पुलिस ने बताया कि अधिकतर पीड़ित छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी थे जिनमें विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) की तैयारी करने वाले भी शामिल थे। घायलों में से पांच ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दम तोड़ दिया जबकि एक अन्य की सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई।
यह घटना सैद-उल-अजैब इलाके में वेस्टएंड मार्ग पर शाम सात बजकर 40 मिनट पर हुई। इस इलाके में पुस्तकालय, कोचिंग संस्थान, छात्रावास और भोजनालय हैं जो सैकड़ों विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करते हैं।
प्राधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या संरचनात्मक खामियां, ऊपरी मंजिलों पर जारी निर्माण गतिविधि या भवन नियमों का उल्लंघन इमारत ढहने की वजह बना।
दिल्ली नगर निगम ने इमारत से जुड़े निरीक्षण में कथित चूक को लेकर एक सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।
भाषा
सिम्मी मनीषा
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