साल 2100 तक दुनिया की 38 फीसदी आबादी ही बड़े शहरों में रह जाएगी : अध्ययन
साल 2100 तक दुनिया की 38 फीसदी आबादी ही बड़े शहरों में रह जाएगी : अध्ययन
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) देशों में तेजी से हो रही शहरीकरण के मद्देनजर साल 2100 तक दुनिया की महज 38 फीसदी आबादी ही बड़े शहरों में रह जाएगी। एक नये अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया।
शोधकर्ताओं ने कहा कि दुनिया तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रही है और 1975 में जहां 11 फीसदी वैश्विक आबादी दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में रहती थी, वहीं मौजूदा समय में यह आंकड़ा बढ़कर 24 प्रतिशत होने का अनुमान है।
शोध दल में शामिल एंड्रिया मूसो ने कहा कि अगले 25 वर्षों में एक अरब लोग शहरों का रुख करेंगे, जो लगभग हर दो महीने में एक नया न्यूयॉर्क शहर बसाने के बराबर है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा, आवास, परिवहन, ऊर्जा और जलवायु अनुकूलन से जुड़े फैसले यह निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि लोग कहां रहेंगे।
एंड्रिया, ऑस्ट्रिया स्थित कॉम्प्लेक्सिटी साइंस हब में जूनियर फेलो और स्विट्जरलैंड स्थित ईटीएच ज्यूरिख में पीएचडी छात्रा हैं।
उन्होंने कहा, “हमारा अनुमान है कि 2100 तक दुनिया की 38 फीसदी आबादी उन शहरों में रह रही होगी, जिनकी जनसंख्या दस लाख से ज्यादा है।”
अध्ययन के निष्कर्ष ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित किए गए हैं।
एंड्रिया ने कहा, “हमारा मॉडल मौजूदा रुझानों के आधार पर अनुमान लगाता है कि 2100 तक 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रहने वाले लोगों की संख्या में लगभग 45 करोड़ की कमी आएगी। यह संख्या अमेरिका की मौजूदा आबादी से कहीं ज्यादा है।”
अध्ययन से पता चलता है कि जिन देशों में शहरीकरण की शुरुआत ही हो रही है, वहां छोटे शहरों की तुलना में बड़े शहर बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और लोग ऐसे शहरों का रुख कर रहे हैं, जहां शिक्षा और नौकरियों के बेहतर अवसर के अलावा स्वास्थ्य सहित अन्य सुविधाएं ज्यादा उपलब्ध हैं।
हालांकि, इसमें देखा गया है कि जैसे-जैसे देश शहरीकरण की तरफ और बढ़ने लगता है, बड़े शहरों के प्रति यह आकर्षण कमजोर होने लगता है।
एंड्रिया के मुताबिक, 1975 और 2025 के बीच एशिया और अफ्रीका सहित अन्य क्षेत्रों के कम शहरीकरण वाले देशों में दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की जनसंख्या वृद्धि दर संबंधित देशों के औसत शहरों की तुलना में लगभग 7.3 प्रतिशत ज्यादा रही।
उन्होंने बताया कि 1975 से 2025 के बीच यूरोप और अमेरिका सहित अन्य क्षेत्रों के अत्यधिक शहरीकृत देशों में दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की जनसंख्या वृद्धि दर लगभग संबंधित देशों के राष्ट्रीय औसत के बराबर रही, जिसका मतलब यह है कि छोटे और बड़े शहरों की जनसंख्या समान दर से बढ़ी।
अध्ययन में 1975 से 2025 के बीच 99 देशों में शहरी आबादी की वृद्धि दर आंकने के लिए उपग्रह डेटा और जनगणना संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
ये देश 2025 में 94 फीसदी वैश्विक आबादी का प्रतिनिधित्व करते थे।
भाषा पारुल जितेंद्र
जितेंद्र

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