नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच भारत की पहली 34 किलोमीटर लंबी ‘अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड-कम-रेल टनल’ के निर्माण को 18,662 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से मंजूरी दे दी है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि नदी के नीचे बनी भारत की पहली सुरंग कोलकाता में हुगली नदी के नीचे बनाई गई है और अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए पहली समुद्री सुरंग पर काम जारी है।
अधिकारियों ने कहा कि हुगली नदी के नीचे बनी सुरंग मेट्रो संचालन के लिए है, जबकि प्रस्तावित गोहपुर-नुमालीगढ़ परियोजना देश की पहली नदी के नीचे बनी दोहरी सुरंग होगी, जहां रेल और सड़क परिवहन दोनों साथ-साथ संचालित होंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘वर्तमान में, राष्ट्रीय राजमार्ग 715 पर स्थित नुमालीगढ़ और राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर स्थित गोहपुर के बीच की दूरी राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर सिलघाट के निकट स्थित कालियाभम्भोरा सड़क पुल से 240 किलोमीटर है, जिसमें नुमालीगढ़, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बिश्वनाथ कस्बे से होते हुए छह घंटे का समय लगता है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘इन चुनौतियों से निपटने के लिए, इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर गोहपुर से नुमालीगढ़ तक ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सड़क-सह-रेल सुरंग के साथ 4-लेन ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।’’
इसके फायदों के बारे में बताते हुए इसमें कहा गया है, ‘‘यह भारत की पहली और दुनिया की दूसरी ‘अंडरवाटर रोड-कम-रेल’ सुरंग होगी। इस परियोजना से असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘इससे माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, रसद लागत कम होगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।’’
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना पूरे असम में प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और रसद केंद्रों को निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप