कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार को मिली राहत रद्द की
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार को मिली राहत रद्द की
कोलकाता, 25 सितंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुक्रवार को एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में पुलिस की कार्रवाई से अंतरिम राहत दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक कानून में किसी आरोपी को इस तरह की अंतरिम सुरक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जमानत मांगने की स्वतंत्रता है और यदि उसे गिरफ्तारी की आशंका है तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।
न्यायमूर्ति ओम नारायण राय भी इस पीठ में शामिल हैं। पीठ ने बृहस्पतिवार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पुलिस को 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया था।
खंडपीठ ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और चुनाव लड़ रहे किसी व्यक्ति के लिए अलग मानदंड नहीं हो सकता।
एकल पीठ का आदेश रद्द होने के बाद कांथी एसीजेएम अदालत द्वारा प्रधान को सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश प्रभावी रहेगा।
नंदीग्राम उपचुनाव छह अक्टूबर को होना है और चुनाव प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त होगा।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पूरबा मेदिनीपुर जिले के खेजुरी थाने में दर्ज 2007 के मामले के संबंध में 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि इस मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं माना जाए।
प्रधान को 18 सितंबर को पूर्व मेदिनीपुर जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद खेजुरी थाने में दर्ज मामले में भी उन्हें गिरफ्तार दिखाया गया। 23 सितंबर को कांथी अदालत ने उन्हें सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े इस मामले में प्रधान पर हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई आरोप हैं।
पूरबा मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम और खेजुरी थानों में 2007 में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
भाषा शोभना रंजन
रंजन

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