जम्मू, पांच अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को कथित तौर पर उल्टा पकड़े जाने पर हुए विवाद को तवज्जो नहीं देने की कोशिश की और कहा कि उन्हें लगता है कि यह अनजाने में हुई गलती थी, न कि जानबूझकर ऐसा किया गया होगा।
मंगलवार रात, श्रीनगर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पीडीपी प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को राष्ट्रीय ध्वज उल्टा पकड़े हुए देखे जाने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया।
अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त कर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर देने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में, महबूबा ने पीडीपी कार्यालय के बाहर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरने का नेतृत्व किया।
पुंछ जिले की बाढ़ प्रभावित सुरनकोट तहसील के दौरे पर संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई व्यक्ति, जो मुख्यमंत्री रह चुका हो, जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर गलती से राष्ट्रीय ध्वज उल्टा पकड़ लिया गया था, तो बस उस गलती को मान लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ऐसा जान-बूझकर किया गया था।’’
धरने के दौरान, महबूबा राष्ट्रीय ध्वज और पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के ध्वज को पकड़े हुए थीं। हालांकि, राष्ट्रीय ध्वज गलती से उल्टा पकड़ा गया था।
राष्ट्रीय ध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना — जैसे कि रंगों की पट्टी का उलटा होना, अनुपात में गड़बड़ी या कपड़े का क्षतिग्रस्त होना — भारत की ध्वज संहिता का उल्लंघन है।
नियमों के अनुसार, ध्वज की ऊपरी पट्टी हमेशा केसरिया, मध्य पट्टी सफेद जिस पर 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र बना हो, और निचली पट्टी हरे रंग की होनी चाहिए।
भाषा सुभाष नरेश
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