सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों के लिए पीएम उत्सर्जन के सख्त मानदंड प्रस्तावित किये

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सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों के लिए पीएम उत्सर्जन के सख्त मानदंड प्रस्तावित किये

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 08:39 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 08:39 PM IST

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शनिवार को एक वैधानिक निर्देश जारी किया, जिसमें क्षेत्र में चिन्हित उद्योगों के लिए 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर का अधिक सख्त पीएम उत्सर्जन मानक प्रस्तावित किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

संशोधित मानक से औद्योगिक उत्सर्जन में कमी आने और वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आयोग ने आईआईटी कानपुर द्वारा किए गए अध्ययनों के आधार पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की सिफारिशों के साथ ही सीपीसीबी द्वारा गठित तकनीकी समिति की सिफारिशों पर विचार करते हुए यह निष्कर्ष निकाला कि 50 मिलीग्राम/प्रति सामान्य घनमीटर का पीएम उत्सर्जन मानक तकनीकी रूप से प्राप्त करने योग्य और पर्यावरणीय रूप से आवश्यक है।’

सीएक्यूएम के निर्देशानुसार, सीपीसीबी द्वारा चिन्हित एवं दिल्ली-एनसीआर में संचालित 17 श्रेणियों के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों, लाल श्रेणी (मध्यम और बड़े) के वायु-प्रदूषणकारी उद्योगों, खाद्य और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, बॉयलर/थर्मिक फ्लूइड हीटर वाले कपड़ा उद्योगों और भट्टियों वाले धातु उद्योगों से पीएम उत्सर्जन की अधिकतम अनुमेय सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर होगी।

अधिकारी ने कहा, ‘‘यह मानक उन औद्योगिक इकाइयों पर लागू नहीं होगा, जिनके लिए किसी भी लागू सहमति, निर्देश या वैधानिक प्रावधान के तहत 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर से कम पीएम उत्सर्जन मानक निर्धारित किया गया है।’’

संशोधित पीएम उत्सर्जन मानक एक अगस्त से बड़े और मध्यम उद्योगों पर और शेष उद्योगों पर एक अक्टूबर से लागू होगा।

अधिकारी ने बताया, ‘‘एनसीआर की संबंधित राज्य सरकारों, दिल्ली सरकार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी को वैधानिक निर्देश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, विशेष रूप से संशोधित पीएम उत्सर्जन मानक के अनुपालन के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने का।’’

भाषा

अमित दिलीप

दिलीप