कोटा, 24 सितंबर (भाषा) कोटा पुलिस ने 25 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस के एक पार्षद के खिलाफ झूठे वादे करने और धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
जिला चिकित्सा विभाग की एक टीम ने बुधवार को पार्षद द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवा केंद्र को चिकित्सा मानकों के अनुरूप न होने का हवाला देते हुए सील कर दिया।
स्थानीय मीडिया से बातचीत में वार्ड 42 से नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद सियाराम वर्मा ने आरोपों से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक मंशा से की जा रही है।
वर्मा ने दावा किया कि उनकी पृष्ठभूमि नर्सिंग की रही है और वह पिछले 20 वर्षों से यह केंद्र चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा लिखी गई पर्चियों के आधार पर ही इंजेक्शन लगाने और ड्रिप चढ़ाने जैसी बुनियादी सेवाएं दी जाती हैं।
कुन्हाड़ी के क्षेत्र निरीक्षक देवेश भारद्वाज ने बताया कि कोटा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बुधवार को वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, 1956 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग की एक टीम ने उसी दिन पहले दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वर्मा के स्वास्थ्य सेवा केंद्र का निरीक्षण किया।
भारद्वाज ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वर्मा का केंद्र बंद मिला, और इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने परिसर को सील करने से पहले उस पर नैदानिक प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत एक नोटिस चिपका दिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित स्वास्थ्य सेवा केंद्र बिना वैध चिकित्सा डिग्री या पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा, मौके पर जैव चिकित्सा कचरे का उचित तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा था, जिससे आसपास के इलाके में संक्रामक रोग फैलने का खतरा था।
निरीक्षण के बाद सीएमएचओ ने कुन्हाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर बुधवार शाम कांग्रेस पार्षद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
कांग्रेस की कोटा शहर अध्यक्ष राखी गौतम ने पार्टी पार्षद के खिलाफ की गई कार्रवाई को भाजपा की ‘‘दबाव की राजनीति की घटिया चाल’’ करार दिया।
भाषा
प्रचेता नेत्रपाल
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