नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के एक मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक निरीक्षक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षक ने पुडुचेरी के एक व्यवसायी के खिलाफ घटिया दवा बनाने के मामले में जारी सीबीआई जांच को ‘‘प्रभावित’’ करने के लिए कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
अधिकारियों ने बताया कि एक वरिष्ठ लोक सेवक की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) का एक ‘क्षेत्रीय निदेशक’ माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम अपराध शाखा के निरीक्षक प्रदीप सिंह और एक बिचौलिये राजकुमार को पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि उनके पास से 24.70 लाख रुपये नकद बरामद किये गये।
उन्होंने बताया कि एजेंसी ने सिंह, राजकुमार और व्यवसायी एन. राजा के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस वर्ष की शुरुआत में राजा के खिलाफ घटिया दवाओं के निर्माण को लेकर एक मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि राहत पाने की उम्मीद में व्यवसायी ने सिंह से संपर्क किया।
उन्होंने बताया कि सिंह ने उसे आश्वासन दिया कि वह जांच को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि सिंह ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के साथ बैठक का भी प्रबंध किया, जिनकी पहचान ‘‘डीजीसीए के क्षेत्रीय निदेशक’’ के तौर पर हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि ‘‘बैठक के दौरान उस लोक सेवक ने सीबीआई अधिकारियों पर अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करके राजा को ‘अनुकूल जांच’ का आश्वासन दिया और कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से देने की बात कही गई।
उन्होंने बताया कि व्यवसायी ने हवाला लेन-देन के जरिये एक करोड़ रुपये की व्यवस्था की, जो सिंह को दिए गए। उन्होंने बताया कि इसके बाद सिंह ने उसमें से 50 लाख रुपये एक अन्य बिचौलिये प्रभात को दे दिये, जो संदिग्ध लोक सेवक का परिचित बताया जाता है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी प्रदीप कुमार सिंह ने बाकी 25 लाख रुपये अपने कार्यालय में रखे। इसके बाद आठ जून, 2026 को आरोपियों -राजकुमार और प्रदीप कुमार सिंह- को गिरफ्तार कर लिया गया।’’
भाषा
देवेंद्र सुरेश
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