सीबीएसई विद्यार्थियों को ‘हर संभव सहायता’ प्रदान कर रहा है: सीबीएसई के सूत्रों ने कहा
सीबीएसई विद्यार्थियों को ‘हर संभव सहायता’ प्रदान कर रहा है: सीबीएसई के सूत्रों ने कहा
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर उठाई गई कथित विसंगतियों और अन्य दिक्कतों से संबंधित मामलों को ‘‘सर्वोच्च प्राथमिकता’’ पर लिया है। बोर्ड के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कक्षा 12वीं के एक छात्र वेदांत ने सोशल मीडिया पर किये गए एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत सीबीएसई द्वारा अपलोड की गई भौतिकी (फिजिक्स) की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं है। बाद में कई अन्य विद्यार्थियों ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की समस्याओं का आरोप लगाया।
सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि बोर्ड छात्रों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों ने कहा, ‘‘चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, किसी भी माध्यम से शिकायतें आ रही हों, सीबीएसई उन पर सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।’’
सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं और विद्यार्थियों को ‘‘हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं’’।
सूत्र ने वेदांत की शिकायत पर सवालों के जवाब में कहा, ‘‘यह किसी एक बच्चे की बात नहीं है। हर उस बच्चे की मदद की जा रही है जिसका कोई अनुरोध आ रहा है।’’
अन्य विद्यार्थियों द्वारा उठाई गई शिकायतों का हवाला देते हुए सूत्रों ने कहा, ‘‘न केवल एक विद्यार्थी के मामले, बल्कि ऐसे सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। कुछ मामलों में, समस्याओं का समाधान भी हो चुका है।’’
कुछ विद्यार्थियों और अभिभावकों द्वारा ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (ओएसएम) प्रणाली को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद सीबीएसई ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि आईआईटी-मद्रास और आईआईटी-कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञ इस वर्ष की परीक्षोत्तर पुनर्मूल्यांकन सेवाओं के शुरू होने के बाद से सामने आई सभी तकनीकी समस्याओं की जांच करेंगे और सीबीएसई को त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता करेंगे।
इससे पहले प्रधान ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत कर सीबीएसई की भुगतान गेटवे प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए उनके मंत्रालय का सहयोग मांगा था।
शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक- भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक सीबीएसई को उसकी भुगतान गेटवे संरचना और परीक्षा परिणामोत्तर पोर्टल के साथ आवश्यक एकीकरण को मजबूत करने में सहयोग करेंगे।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव

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