मुंबई, 17 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने ‘सरोगेट’ उत्पादों का प्रचार करने वाली हस्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का सोमवार को बचाव किया और कहा कि विज्ञापन से जुड़े सभी पक्ष जवाबदेह हैं। उन्होंने बताया कि एक महीने में 8,000 से अधिक जन शिकायतों का निपटारा किया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने हाल में अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगण और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन में शामिल होने को लेकर कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी जारी की थी। एफडीए ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रचार प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू से जुड़े उत्पादों के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार के दायरे में आता है।
मुंढे ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि इस विज्ञापन की प्रतिबंधित उत्पाद के संभावित ‘सरोगेट’ विज्ञापन के रूप में जांच की जा रही है, क्योंकि कंपनी पहले भी गुटखा बेचती हुई पाई गई थी।
मुंढे ने जोर दिया कि विज्ञापन और दावों को तैयार करने, प्रकाशित करने या प्रायोजित करने से जुड़े हर व्यक्ति पर नियम लागू होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरी शृंखला में हर कोई जिम्मेदार है।’’
मुंढे ने कहा कि एफडीए के पोर्टल पर शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों की स्थिति पर नजर रख सकते हैं और विभाग भी उनकी प्रगति की निगरानी कर सकता है।
मुंढे ने कहा, ‘‘पोर्टल पर 9,000 या उससे अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसे शुरू हुए करीब एक महीना हो गया है। 8,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि लगभग 700-800 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।’’
चर्चित हस्तियों वाले विज्ञापनों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एफडीए की कार्रवाई भ्रामक दावों से जुड़े नियमों, जिसमें सरोगेट विज्ञापन भी शामिल हैं, के आधार पर की गई है।
पान मसाला और तंबाकू से जुड़े उत्पादों का जिक्र करते हुए एफडीए आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र में गुटखा, पान मसाला और संबंधित तंबाकू उत्पादों पर 2012 से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है।
उन्होंने कहा कि विमल के एक उत्पाद के विज्ञापन की प्रतिबंधित उत्पाद के संभावित सरोगेट विज्ञापन के तौर पर जांच की जा रही है, क्योंकि कंपनी पहले भी गुटखा बेचती हुई पाई गई थी।
मुंढे ने कहा कि एफडीए तंबाकू से जुड़े उत्पादों के अलावा अन्य उत्पादों के विज्ञापनों की भी जांच कर रहा है और जहां भी भ्रामक दावे या अन्य नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।
एफडीए आयुक्त ने कहा कि कई उत्पाद फिलहाल जांच और समीक्षा के दायरे में हैं।
कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल पर मुंढे ने कहा कि बेकरी उत्पादों, केक, चाइनीज फूड या अन्य खाद्य पदार्थों में इनका इस्तेमाल निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने पर नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
भाषा आशीष माधव
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