नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पदों के लिए अलग कैडर को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी।
बयान के मुताबिक, यह कैडर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) कैडर से अलग स्वतंत्र दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर के रूप में संचालित होगा।
इसमें कहा गया है कि पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार के पास भेजा था और केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर अपनी मोहर लगा दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी के पास अब तक अपना स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर नहीं था और विभाग की इंजीनियरिंग सेवाएं मुख्य रूप से सीपीडब्ल्यूडी कैडर पर निर्भर थीं।
उनके मुताबिक, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली की इंजीनियरिंग शाखा में 36 श्रेणियों में कुल 3,214 स्वीकृत पद सीपीडब्ल्यूडी कैडर के अंतर्गत थे और इन पदों पर नियुक्तियां केंद्र सरकार की व्यवस्था के माध्यम से होती थीं।
गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पीडब्ल्यूडी के अलग इंजीनियिंग कैडर के प्रस्ताव को मंजूरी देने से राष्ट्रीय राजधानी के विकास कार्यों में तेजी आने के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “दिल्ली में विकास कार्यों का स्वरूप और आवश्यकताएं अलग हैं और राजधानी में लगातार नई सड़कों, पुलों, भवनों, कार्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक ढांचों का निर्माण और रखरखाव करना पड़ता है। ऐसे में दिल्ली के पास अपना सक्षम और स्वतंत्र इंजीनियरिंग तंत्र होना आवश्यक था।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 30 वर्षों से इस महत्वपूर्ण विषय पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ था और उनकी सरकार ने इस लंबित आवश्यकता को समझते हुए पीडब्ल्यूडी के लिए अलग इंजीनियरिंग कैडर बनाने का निर्णय लिया और अब केंद्र सरकार की स्वीकृति से इस ऐतिहासिक सुधार को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को आने वाले समय में नया सचिवालय, सभी 11 जिलों में मिनी सचिवालय, मंडियों, खेल मैदानों तथा अन्य प्रशासनिक और सार्वजनिक ढांचों को मजबूत करने के लिए अनेक भवनों और कार्यालयों का निर्माण करना है।
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