नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के डल्ला स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट संयंत्र द्वारा ठोस कचरे के कुप्रबंधन के आरोपों वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और अन्य से जवाब तलब किया।
पर्यावरण निकाय उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें शिकायत की गई थी कि सीमेंट संयंत्र ठोस कचरे का ‘गलत तरीके से निपटान’ कर रहा है, जिससे निवासियों के स्वास्थ्य को खतरा हो रहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि संयंत्र से निकलने वाली ‘दुर्गंध और जहरीली गैस के कारण निवासियों को गंभीर जानलेवा बीमारियों’ का सामना करना पड़ रहा था।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने छह दिसंबर को पारित आदेश में कहा कि याचिका में पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन के संबंध में ‘महत्वपूर्ण मुद्दे’ उठाए गए हैं।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि प्रतिवादियों- केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सोनभद्र के जिलाधिकारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सीमेंट संयंत्र को नोटिस जारी किये जाएं।
एनजीटी ने सीपीसीबी को ‘‘मौके पर निरीक्षण करने, तथ्यों का सत्यापन करने और एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने’’ का भी निर्देश दिया। वह इस मामले में सात अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा।
भाषा धीरज सुरेश
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