केंद्र ने अरुणाचल के तीन जिलों और चार पुलिस थानों को आफ्स्पा के तहत ‘अशांत’ घोषित किया

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केंद्र ने अरुणाचल के तीन जिलों और चार पुलिस थानों को आफ्स्पा के तहत ‘अशांत’ घोषित किया

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  • Publish Date - October 2, 2020 / 11:00 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:47 PM IST

नयी दिल्ली, दो अक्टूबर (भाषा) केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलो और अन्य तीन जिले के चार पुलिस थानों को अगले छह महीने के लिए आफ्स्पा कानून के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर दिया है।

सरकार ने यह कदम वहां उग्रवादी गतिविधियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद उठाया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में जारी अधिसूचना एक अक्टूबर से प्रभावी हो गई है।

अधिसूचना में कहा गया, ‘‘…अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लॉन्गडिंग जिले और असम से लगते राज्य के तीन जिलों के चार पुलिस थाना क्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेष शक्ति) अधिनियम-1958 की धारा-तीन के तहत 31 मार्च 2021 तक या जब तक कि पहले इसे वापस नहीं ले लिया जाता ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया जाता है यानि एक अक्टूबर 2020 से।’’

गृह मंत्रालय ने जिन चार पुलिस थाना क्षेत्रों को ‘अशांत’ घोषित किया है उनमें नमसई जिले के नमसई और महादेवपुर थाने, निचली दिबांग घाटी के रोइंग और लोहित जिले का सुनपुरा थाना शामिल है।

उल्लेखनीय है कि आफ्स्पा उन इलाकों में लागू किया जाता है जहां पर नगारिक प्रशासन की मदद के लिए सैन्य बलों की जरूरत होगी। आफ्स्पा को इलाकों में वैध तरीके से लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कानून की धारा-तीन के तहत उसे अशांत घोषित करना होता है।

अधिकारी ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में एनएससीएन, उल्फा और एनडीएफबी जैसे संगठनों की उपस्थिति है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश