नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) अदाणी समूह की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 60.8 प्रतिशत घटकर 147 करोड़ रुपये रहा। बिक्री मात्रा में गिरावट के कारण कंपनी के लाभ पर असर पड़ा है।
वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 375 करोड़ रुपये रहा था।
एसीसी लिमिटेड ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी की परिचालन आय भी 7.75 प्रतिशत घटकर 5,790 करोड़ रुपये रह गई, जो 2025-26 की समान तिमाही में 6,277 करोड़ रुपये थी।
एसीसी के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद बाहेती ने कहा, “तिमाही के दौरान बड़े एकीकृत संयंत्रों के नियोजित रखरखाव, मूल कंपनी अंबुजा सीमेंट के साथ बढ़े हुए मास्टर सर्विस समझौते (एमएसए) का लाभ पर असर पड़ा। हालांकि, कंपनी मूल्य आधारित वृद्धि और बेहतर आय पर ध्यान केंद्रित करती रही।”
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी की प्रीमियम उत्पादों की बिक्री कुल व्यापारिक बिक्री में 44 प्रतिशत रही, जबकि 2025-26 की समान तिमाही में यह 41 प्रतिशत थी।
इस बीच, एसीसी के निदेशक मंडल ने एम्प्लस आंध्र पावर प्राइवेट लिमिटेड में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है।
कंपनी ने बताया कि इस अधिग्रहण की लागत करीब 5.31 करोड़ रुपये होगी। यह कंपनी बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में काम करती है। अधिग्रहण प्रक्रिया 30 अक्टूबर, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
एसीसी ने यह भी बताया कि मूल कंपनी अंबुजा सीमेंट के साथ विलय के लिए उसे बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिल गया है।
कंपनी ने कहा कि इस संबंध में 29 जून, 2026 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में आवेदन दाखिल किया गया है और नियामकीय मंजूरियों के बाद यह सौदा वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा होने की उम्मीद है।
अदाणी समूह अपने ‘वन सीमेंट प्लेटफॉर्म’ के तहत एसीसी और ओरिएंट सीमेंट समेत समूह की सीमेंट कंपनियों को अंबुजा सीमेंट के तहत एकीकृत करने की योजना पर काम कर रहा है।
भाषा योगेश रमण
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