(तस्वीरों सहित)
देहरादून, 14 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सड़कों और राजमार्गों को राष्ट्र की ‘‘भाग्यरेखाएं’’ बताते हुए मंगलवार को कहा कि बीते एक दशक में केंद्र सरकार ने आधारभूत संरचनाओं के विकास में अभूतपूर्व निवेश किया है।
यहां करीब 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि राष्ट्र की ‘‘भाग्यरेखाएं’’ हमारी सड़कें और राजमार्ग होते हैं और बीते एक दशक से उनकी सरकार विकास की ऐसी ही ‘‘भाग्यरेखाओं’’ के निर्माण में जुटी हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में देश में आधारभूत संरचनाओं के विकास में अभूतपूर्व निवेश हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘2014 तक पूरे देश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे, आज यह निवेश इससे छह गुना अधिक, 12 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुका है। केवल उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि अब सड़कें गांवों तक पहुंच रही हैं और सड़कों के अभाव में पूर्व में वीरान हुए गांव अब जीवंत हो गए हैं।
उत्तराखंड की चारधाम बारहमासी सड़क परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि विकास की ये ‘‘रेखाएं’’ क्षेत्र के कोने-कोने में फैल रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत जिस गति और पैमाने पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है।
उन्होंने उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ सप्ताह पहले दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ, मेरठ में मेट्रो सेवा शुरू हुई, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की शुरुआत हुई, हवाई जहाज की रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा पर काम शुरू हुआ और आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इतने छोटे से क्षेत्र में इतने कम समय में यह सब हो रहा है। 21वीं सदी का भारत आधुनिक ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ युग में प्रवेश कर रहा है, जो अभूतपूर्व और अकल्पनीय है।’’
मोदी ने कहा कि आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले औद्योगिक गलियारों पर काम किया जा रहा है।
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, बेंगलुरु-मुंबई औद्योगिक गलियारा और अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा आदि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आर्थिक गलियारे देश की प्रगति के द्वार हैं और इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है।’’
उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है, जिससे कई फायदे होंगे।
मोदी ने कहा कि इससे समय की बचत होगी, आवागमन सस्ता और तेज होगा, पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी, रोजगार बढ़ेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अपने अस्तित्व के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुके युवा उत्तराखंड के लिए इस एक्सप्रेसवे को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘डबल इंजन’’ सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है और यह परियोजना भी राज्य को नयी गति देगी।
उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, सहारनपुर और शामली जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों को भी लाभ होगा।
बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दशक में उनकी सरकार ने जो नीतियां बनाईं और निर्णय लिए, उनसे संविधान की गरिमा पुनर्स्थापित हुई है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है।
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी को जरूरी बताया।
उन्होंने तीर्थस्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने पर भी बल दिया और कहा कि ऐसे पवित्र स्थानों को साफ-सुथरा रखना उत्तराखंड में रहने वाले लोगों के साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भी जिम्मेदारी है।
इस संबंध में उन्होंने आगामी चारधाम यात्रा तथा अगले साल हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ के दौरान विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कार्यक्रम से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने एक्सप्रेसवे पर बनाए गए एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित सिद्धपीठ डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की।
इसके बाद मोदी ने मंदिर से देहरादून के मुख्य कार्यक्रम स्थल जसवंत ग्राउंड तक 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया।
इस दौरान स्कूली बच्चों समेत सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने प्रधानमंत्री के काफिले पर पुष्पवर्षा भी की और उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।
रोड शो के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
भाषा दीप्ति खारी
खारी