आगरा में तेजो महालय मामले में केंद्र, एएसआई से जवाब तलब

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आगरा में तेजो महालय मामले में केंद्र, एएसआई से जवाब तलब

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 02:40 PM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 02:40 PM IST

प्रयागराज, छह जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आगरा में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर और ताजमहल के मामले में दायर रिट याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा।

यह याचिका आगरा जनपद न्यायालय के उन आदेशों के खिलाफ दायर की गई है जिसमें दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) और अपर जिला न्यायाधीश ने विवादित परिसरों का सर्वेक्षण करने के लिए एक अधिवक्ता आयोग गठित करने का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने दलील दी कि अधिवक्ता आयोग गठित करने और विवादित परिसरों की फोटोग्राफी के लिए उनका आवेदन गलत ढंग से खारिज किया गया, तथा इसके बाद पुनरीक्षण याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि यह सुनवाई योग्य नहीं है, यद्यपि विवाद पर निर्णय के लिए यह आवश्यक है।

अधिवक्ता जैन की दलील सुनने के बाद न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने केंद्र और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा और इस रिट याचिका में चौथे प्रतिवादी पंकज कुमार वर्मा को नोटिस जारी किया।

याचिकाकर्ता की अधिवक्ता सौम्या श्रीवास्तव के मुताबिक, वर्ष 2015 में एक घोषणात्मक वाद दायर किया गया था जिसमें यह घोषणा करने का अनुरोध किया गया था कि ताजमहल परिसर में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर है। यह वाद आगरा के दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) की अदालत में लंबित है।

इस वाद के लंबित रहने के दौरान एक अधिवक्ता आयोग गठित करने के लिए आवेदन किया गया, लेकिन जनपद न्यायालय की दोनों अदालतों ने इस पर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया जिसे मौजूदा याचिका में चुनौती दी गई है।

यह याचिका भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर और हरि शंकर जैन एवं चार अन्य लोगों द्वारा दायर की गई है जिसमें केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और दो अन्य प्रतिवादी पक्षकार हैं।

भाषा सं राजेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल