Waqf Board Controversy: वक़्फ़ बोर्ड में हिन्दू सदस्य के शामिल होने पर बवाल.. इस कांग्रेस विधायक ने दी कोर्ट जानें की धमकी, चेयरमेन ने किया तीखा पलवार..

Ads

Waqf Board Controversy: वक़्फ़ बोर्ड में हिन्दू सदस्य के शामिल होने पर बवाल.. इस कांग्रेस विधायक ने दी कोर्ट जानें की धमकी, चेयरमेन ने किया तीखा पलवार..

Waqf Board Controversy | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य की नियुक्ति
  • मुस्लिम समाज का विरोध
  • सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

भोपाल: Waqf Board Controversy मध्यप्रदेश में पहली बार वक्फ बोर्ड में हिन्दू सदस्य की नियुक्ति हुई है। जिसके विरोध में अब मुस्लिम समाज सड़क पर उतर गए हैं। इस मुद्दे पर मुस्लिम स्कॉलर इमरान खोखर (Imran Khokhar) ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

Waqf Board Controversy बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के विरोध में सोमवार को भोपाल के बुधवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे। इमरान खोखर का कहना है कि जिन लोगों को इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं उनकों सरकार बोर्ड का सदस्य बनाकर क्या मैसेज देना चाहती हैं।

उन्होंने सवाल उठाए हैं कि क्या कोई मुस्लिम महाकाल,राम मंदिर समिति का सदस्य बनाया जा सकता है। उनका आरोप है कि सरकार की मंशा सांप्रदायिक है और ऐसे फैसले वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए लिए जाते हैं।

हिंदू सदस्य अनिमेश भार्गव का बयान

इधर वक्फ बोर्ड में हिन्दू सदस्य बनाए जाने को लेकर हिंदू सदस्य अनिमेश भार्गव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जरूरत मंद मुस्लिम भाइयों के सहयोग के लिए वक्फ बोर्ड बना है। उन्होंने क​हा कि ऐसे में गर्वनिंग बॉडी नहीं रहेगी तो जरूरत मंद मुसलमानों का क्या होगा? वक्फ की बॉडी बनाना भी जरूरी था, नहीं बनती तो कहते बॉडी नहीं बन रही मुसलमान का हक मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हिसाब से हुई है, जो विरोध कर रहे उनका कोई निजी हित होगा।

कांग्रेस विधायक ने जताया विरोध

वहीं दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन का कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विरोध किया है। उन्होंने ​कहा कि सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा। पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट देगा। मसूद ने सवाल उठाया- इतनी जल्दी और हड़बड़ी किस बात की थी?

उन्होंने आगे कहा कि वक्फ संशोधन का मामला अभी भी प्रोग्रेस में है। दो की जगह तीन गैर मुस्लिम सदस्य कैसे हैं? दो सदस्य हिंदू बनाए और एक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का अधिकारी सदस्य रहेगा। आरिफ मसूद ने कहा- वक्फ बोर्ड एक ट्रस्ट है।

सद्भावना पर कहा कि ऐसी सद्भावना हमें नहीं चाहिए। राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा- अगर वहां कोई मुस्लिम ट्रस्टी होता, तो उसका एनकाउंटर कर सारा आरोप उसी पर डाल दिया जाता। धार्मिक मामलों में ऐसी सद्भावना नहीं रखनी चाहिए।

सनवर पटेल का पलटवार

पदभार ग्रहण करने के बाद अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नए वक्फ कानून के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला पहला राज्य मप्र है। आरिफ मसूद सुप्रीम कोर्ट जाए वह स्वतंत्र है, उन्हें अधिकार है। अक्षरशः कानून का पालन हुआ है, सुप्रीम कोर्ट में इसपर कोई स्टे नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ही नियुक्ति हुई है। जिस तीसरे सदस्य को वह हिंदू गिन रहे है वह पदेन सदस्य है।विरोध करने वालों को बाज आना चाहिए भड़काने की राजनीति नहीं चलेगी। आपने मुसलमानों को सालों से भड़काया है। मुस्लिमों के हाथों में टायर पंचर और अंडे की दुकान पकड़ा दी।अब मुस्लिम समाज जागरूक हो गया है आपके भड़काने में नहीं आएगा। समाज को तोड़ने वाली बातों से बाज आना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:-

वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्य क्यों नियुक्त किए गए?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और नए वक्फ कानून के तहत।

किसने विरोध किया है?

मुस्लिम समाज, इमरान खोखर और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद।

हिंदू सदस्य ने क्या कहा?

नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार हुई हैं और वक्फ बोर्ड जरूरतमंद मुस्लिमों की मदद के लिए है।