सेवानिवृत्ति बाद समान लाभ पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में पैनल गठित करें केंद्र: न्यायालय

Ads

सेवानिवृत्ति बाद समान लाभ पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में पैनल गठित करें केंद्र: न्यायालय

  •  
  • Publish Date - September 24, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 04:38 PM IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद यात्रा के दौरान चालक, सुरक्षा और सरकारी आवास में ठहरने जैसी सुविधाओं के लिए एक समान राष्ट्रीय नीति तैयार करने के लिए गठित पैनल के प्रमुख के रूप में उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करने पर विचार करने को कहा।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि सरकार ने न्यायालय के पहले के निर्देश के अनुपालन में एक पैनल गठित करने का फैसला किया है।

कानून अधिकारियों ने पीठ को बताया कि समिति की अध्यक्षता के लिए पूर्व सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पैनल की अध्यक्षता किसी उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को करनी चाहिए।’’

सॉलिसिटर जनरल ने इस सुझाव पर सहमति जताई और कहा कि सरकार 28 सितंबर को पीठ के समक्ष इस संबंध में जानकारी देगी।

पीठ ने 20 अगस्त को केंद्र को पैनल गठित करने के लिए एक और सप्ताह का समय दिया था।

इससे पहले पीठ ने 20 जुलाई को केंद्र को दो सप्ताह के भीतर पैनल गठित करने को कहा था ताकि उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुविधाओं को लेकर एक समान राष्ट्रीय नीति बनाई जा सके।

पीठ, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के संघ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. एस. दवे द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया गया था।

प्रधान न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कुछ राज्यों की ओर से सुरक्षा कर्मियों और चालकों की सेवाओं के लिए दी जा रही मौजूदा वित्तीय सहायता की पर्याप्तता पर सवाल उठाया।

प्रधान न्यायाधीश ने पूछा, ‘‘45-50 हजार रुपये में क्या चालक और सुरक्षा अधिकारी रखना संभव है?’’

प्रधान न्यायाधीश ने सॉलिसिटर जनरल से कहा, ‘‘राज्यों के बीच एकरूपता का अभाव है। एक तरीका यह है कि भारत सरकार एक पैनल गठित करे और मानक तय करे। केंद्र सरकार अनुदान में अपना योगदान भी दे सकती है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो मुझे एक पैनल गठित करना होगा।’’

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश