Junior Doctors Strike in CG: प्रदेश में फिर बढ़ेगी मरीजों की परेशानियां! एक बार फिर जूनियर डॉक्टर्स ने खोला मोर्चा, अब इमरजेंसी सेवा बंद करने की दी चेतावनी

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Junior Doctors Strike in CG: प्रदेश में फिर बढ़ेगी मरीजों की परेशानियां! एक बार फिर जूनियर डॉक्टर्स ने खोला मोर्चा, अब इमरजेंसी सेवा बंद करने की दी चेतावनी

Junior Doctors Strike in CG | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • जूनियर डॉक्टर्स ने OPD का बहिष्कार शुरू किया
  • स्टाइपेंड बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर डॉक्टर्स का आंदोलन
  • इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी

अंबिकापुर: Junior Doctors Strike in CG बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स एक बार फिर आंदोलन (Junior Doctors Strike) पर उतर आए है। अपनी मांगों को लेकर आज से जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि अगर सरकार जल्द ही उनकी मांग नहीं मानती तो वे इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार कर देंगे।

17 सूत्रीय मांगों लेकर जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन

Junior Doctors Strike in CG बता दें कि छत्तीसगढ़ में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों की मांगों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के मुताबिक, रायपुर की टीम ने करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं। मुलाकात के दौरान मांगों पर जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन मिलने का दावा किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की बैठक हुई और चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया।

इमरजेंसी सेवाओं को बंद करने की चेतावनी

इसी कड़ी में एक दिन पहले जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। लेकिन सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं किए जाने से नाराज जूनियर डॉक्टर्स ने आज से स्ट्राइक पर चले गए है। यही नहीं डॉक्टर्स ने भी चेतावनी दे दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर देंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर

यानी आने वाले दिनों में अगर सरकार और जूनियर डॉक्टरों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो इसका असर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। जूनियर डॉक्टरों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। फिलहाल कैंडल मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ ओपीडी का बहिष्कार किया गया है। अब देखना होगा कि सरकार जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों पर कब तक फैसला लेती है, और क्या इमरजेंसी सेवा बंद करने की नौबत आने से पहले सरकार और डॉक्टरों के बीच कोई समाधान निकल पाता है।

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छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर क्यों हड़ताल पर गए हैं?

जूनियर डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने, बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

जूनियर डॉक्टरों ने अभी कौन-सी सेवाओं का बहिष्कार किया है?

जूनियर डॉक्टरों ने फिलहाल OPD सेवाओं का बहिष्कार शुरू किया है।

क्या इमरजेंसी सेवाएं भी बंद की जाएंगी?

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जा सकता है।