भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के संबंध में केंद्र की नई अधिसूचना हरियाणा के हितों को झटका: हुड्डा

भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के संबंध में केंद्र की नई अधिसूचना हरियाणा के हितों को झटका: हुड्डा

भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के संबंध में केंद्र की नई अधिसूचना हरियाणा के हितों को झटका: हुड्डा
Modified Date: April 15, 2026 / 12:55 am IST
Published Date: April 15, 2026 12:55 am IST

चंडीगढ़, 14 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के संबंध में केंद्र की नवीनतम अधिसूचना को पूरी तरह से ‘हरियाणा विरोधी’ करार दिया है।

हुड्डा ने मंगलवार को कहा कि जब 1966 में हरियाणा को पंजाब से अलग करके एक अलग राज्य बनाया गया था, तब बोर्ड के लिए विशिष्ट नियम औपचारिक रूप से स्थापित किए गए थे।

उन्होंने कहा कि इन नियमों में हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए कई प्रावधान शामिल थे, मसलन यह निर्धारित किया गया था कि बोर्ड में सिंचाई के प्रभारी सदस्य हरियाणा से होंगे, बिजली के प्रभारी सदस्य पंजाब से होंगे… हालांकि, नए निर्णय में अब कहा गया है कि किसी भी राज्य का कोई भी सदस्य इनमें से किसी भी पद पर आसीन हो सकता है।

हुड्डा ने आरोप लगाया, ‘इससे आशंकाएं पैदा होती हैं कि हरियाणा के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, और यह चिंता इस तथ्य से और भी बढ़ जाती है कि ऐसा पहले भी हो चुका है।’

पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए उस पर गैर-हितधारक राज्यों के लिए सदस्यता खोलकर बीबीएमबी में पंजाब की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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