चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती राजधानी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप पर जगन मोहन पर किया पलटवार

चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती राजधानी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप पर जगन मोहन पर किया पलटवार

चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती राजधानी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप पर जगन मोहन पर किया पलटवार
Modified Date: April 6, 2026 / 10:59 pm IST
Published Date: April 6, 2026 10:59 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

याडिकी (आंध्र प्रदेश), छह अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि वाईएसआरसीपी सुप्रीमो जगन मोहन रेड्डी ने भ्रष्टाचार का आरोप ऐसे समय में लगाया है जब राजधानी अमरावती पर काम ‘अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है’ और राज्य में विकास हो रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने हाल में आरोप लगाया था कि राजधानी शहर के निर्माण की आड़ में ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’ हो रहा है। उन्होंने दावा किया था कि निर्माण लागत लगभग 15,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है।

अनंतपुर जिले के याडिकी गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा,‘‘ऐसे समय में जब अमरावती में परियोजनाएं अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं और विकास हो रहा है, वह (जगन) हताशा और इसे स्वीकार करने में असमर्थता के कारण भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं।’’

जगन की परिकल्पना ‘माविगुन’ (मछलीपटनम, विजयवाड़ा और गुंटूर को राजधानी गलियारा घोषित करने का प्रस्ताव) को ‘पागलपन’ करार देते हुए नायडू ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता अमरावती शब्द का उच्चारण करने तक को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने माविगुन प्रस्ताव का उपहास करते हुए कहा, “मुझे यह दीवानगी समझ नहीं आती। यह तो और बढ़ गई है।”

एक अप्रैल को जगन मोहन रेड्डी ने नायडू को सलाह दी थी कि वह माविगुन क्षेत्र को आंध्र प्रदेश की राजधानी या कॉरिडोर घोषित करें । उन्होंने दो लाख करोड़ रुपये की अमरावती परियोजना को “अव्यावहारिक” बताया था।

संसद द्वारा हाल में अमरावती विधेयक पारित करने का जिक्र करते हुए, जिसमें शहर को राज्य की राजधानी के रूप में मान्यता दी गई है, नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश की पहले कोई स्पष्ट राजधानी नहीं थी, लेकिन अब वह गर्व से अमरावती को अपनी राजधानी कह सकता है।

उन्होंने कहा, “आंध्र की एकमात्र राजधानी अमरावती है।”

उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों ने संसद में अमरावती का समर्थन किया।

भाषा

राजकुमार प्रशांत

प्रशांत


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