चन्नी ने आप को ‘काले अंग्रेज़’ कहा, केजरीवाल ने पलटवार कर कहा, ‘नीयत साफ है’

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चन्नी ने आप को ‘काले अंग्रेज़’ कहा, केजरीवाल ने पलटवार कर कहा, ‘नीयत साफ है’

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  • Publish Date - December 2, 2021 / 11:16 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:56 PM IST

Channi’s latest statement on AAP : चंडीगढ़, एक दिसंबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) को ‘काले अंग्रेज़’ का दल बताया जो 2022 के विधानसभा चुनाव को जीतने की कोशिश कर रही है। इसपर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पटलवार करते हुए कहा कि उनका रंग भले ही ‘काला हो’ लेकिन उनकी ‘नीयत साफ’ है।

पंजाब में आप और कांग्रेस के बीच ज़बानी जंग चल रही है। इस बीच पंजाब के मोगा जिले के बधनी कलां में एक सभा को संबोधित करते हुए चन्नी ने ‘काले अंग्रेज’ वाली टिप्पणी की।

चन्नी ने कहा कि केजरीवाल कहते हैं कि पंजाब में अगली सरकार आप बनाएगी। उन्होंने कहा, “क्या पंजाब में लोग नहीं रहते? क्या पंजाब में युवा नहीं हैं? क्या पंजाब में पंजाबी नहीं हैं? क्या ‘काले अंग्रेज़’ यहां (राज्य) आएंगे और राज करेंगे?

चन्नी ने कहा कि ‘(गोरे) चिट्टे अंग्रेज़’ (ब्रिटिश) को पहले देश से बाहर भगा दिया गया था और अब ये ‘काले अंग्रेज’ पंजाब पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए चन्नी ने कहा, “हम कह रहे हैं कि पंजाब पंजाबियों का है, आप यहां व्यवधान पैदा न करें। ये बाहरी लोग ‘काले अंग्रेज़’ (राज्य पर) शासन करना चाहते हैं।’

मोगा में जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि पंजाब पर केवल उसके लोगों का शासन होगा और ‘केजरीवाल जैसे” लोगों को यहां के लोगों की समस्याओं और जरूरतों के बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया, “ जबसे मैंने कहा कि (आप की सरकार बनने के बाद) पंजाब की हर महिला को 1000 रुपये महीना देंगे, चन्नी साहब मुझे गालियां दे रहे हैं। (वह पहले) बोले कि केजरीवाल के कपड़े ख़राब हैं, आज बोले केजरीवाल काला है।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, “ चन्नी साहब, मेरा रंग काला है। पर पंजाब की मेरी मां बहनों को ये काला बेटा/भाई पसंद है। उनको पता है कि मेरी नीयत साफ़ है।”

आप नेता राघव चड्ढा ने चन्नी की ‘काले अंग्रेज़’ टिप्पणी पर एक बयान में कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने एक जिम्मेदार पद पर बैठ होने के बावजूद ‘ लांछन की सारी हदें पार कर दी हैं’ और यह “शर्मनाक” है।

भाषा नोमान अर्पणा

नोमान