कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान: बघेल से मिलने पहुंचे चन्नी खेमे के नेता

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान: बघेल से मिलने पहुंचे चन्नी खेमे के नेता

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान: बघेल से मिलने पहुंचे चन्नी खेमे के नेता
Modified Date: July 11, 2026 / 02:04 pm IST
Published Date: July 11, 2026 2:04 pm IST

चंडीगढ़, 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाने वाले पार्टी नेता शनिवार को राणा गुरजीत सिंह के आवास पर पहुंचे, जहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ उनकी बैठक निर्धारित है।

बघेल भी दोपहर करीब सवा 12 बजे राणा गुरजीत के आवास पर पहुंचे।

कई दिनों से जारी असमंजस को समाप्त करते हुए चन्नी और उनके करीबी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने शनिवार को बघेल से मिलने तथा उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं की ‘‘भावनाओं’’ से अवगत कराने का फैसला किया।

चन्नी के अलावा वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, भारत भूषण आशु, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा और गुरप्रीत सिंह कांगड़ समेत कई नेता राणा गुरजीत के आवास पर पहुंचे हैं।

यह स्पष्ट नहीं है कि बघेल वहां मौजूद सभी नेताओं से बातचीत करेंगे या उनमें से कुछ चुनिंदा नेताओं से ही मिलेंगे।

राणा गुरजीत सिंह के आमंत्रण पर नेता प्रतिपक्ष एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ. पी. सिंह भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे। पार्टी ने चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था।

प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से ‘‘नाराज’’ बताए जा रहे चन्नी ने अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की थी। बघेल सोमवार को पंजाब पहुंचे थे और इसके बाद उन्होंने राज्य के कई नेताओं एवं पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

बघेल शनिवार को चन्नी खेमे के साथ अलग से बैठक करेंगे। वडिंग इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।

चन्नी ने राणा गुरजीत के आवास में प्रवेश करने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम बैठक में शामिल होने और सभी से बात करने जा रहे हैं। इसके बाद आपको जानकारी देंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वे वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करते हैं, चन्नी ने कहा कि सभी मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी।

जब उनसे कहा गया कि उनके कई समर्थकों ने वड़िंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं करने की बात कही है तो चन्नी ने कहा, ‘‘पहले चर्चा कर लेने दीजिए। आपको शुरू से ही हमारा रुख पता है। बाकी तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे।’’

वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा से जब पूछा गया कि क्या चन्नी खेमे ने वड़िंग को आमंत्रित नहीं किया है तो उन्होंने कहा, ‘‘वह (वड़िंग) ही बेहतर बता सकते हैं कि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया या वह खुद नहीं आ रहे हैं।’’

पूर्व मंत्री गुरप्रीत कांगड़ ने कहा कि यह बैठक विशेष रूप से इस बात पर चर्चा करने के लिए हो रही है कि वड़िंग का नेतृत्व उन्हें स्वीकार है या नहीं।

पार्टी के एक अन्य नेता इंदरबीर बुलारिया ने संवाददाताओं से कहा कि बघेल को ‘‘भावनाओं और जमीनी वास्तविकताओं’’ से अवगत कराया जाएगा।

बोलारिया ने कहा, ‘‘हमारे वरिष्ठ नेता तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा पहले ही कह चुके हैं कि कुछ बातें हैं, जिन्हें हम पार्टी आलाकमान तक पहुंचाना चाहते हैं। हम इन मुद्दों को बघेल के सामने रखेंगे, ताकि वह इन्हें आलाकमान तक पहुंचा सकें।’’

चन्नी ने शुक्रवार शाम ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा था, ‘‘पंजाब के लिए एकजुट। हमने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पंजाब के लोगों की भावनाएं उनके सामने रखने के लिए कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रभारी भूपेश बघेल को 11 जुलाई को आमंत्रित किया है।’’

बघेल सोमवार को पंजाब पहुंचने के बाद से पार्टी के कई नेताओं और पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है।

मोहाली में सोमवार को चन्नी की मौजूदगी में कई वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की थी। इससे कुछ दिन पहले कई मौजूदा और पूर्व विधायकों ने जालंधर के सांसद चन्नी को कांग्रेस की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाने को लेकर फिर से विचार किए जाने की मांग का समर्थन किया था।

बघेल कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नेतृत्व में किसी भी बदलाव की संभावना से पहले ही इनकार कर चुके हैं।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन


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