राम मंदिर दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ एक तरह का कलंक है: नृपेंद्र मिश्रा

राम मंदिर दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ एक तरह का कलंक है: नृपेंद्र मिश्रा

राम मंदिर दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ एक तरह का कलंक है: नृपेंद्र मिश्रा
Modified Date: July 11, 2026 / 02:15 pm IST
Published Date: July 11, 2026 2:15 pm IST

अयोध्या (उप्र), 11 जुलाई (भाषा) अयोध्‍या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में दान में ‘वित्तीय हेराफेरी’ पर शनिवार को दुख जाहिर करते हुए कहा कि यह एक तरह का कलंक है और इससे हर कोई बहुत अपमानित महसूस कर रहा है।

उन्होंने भरोसा जताया कि व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।

मिश्रा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में ‘दान में गबन’ पर कहा, ‘‘यह घटना राम मंदिर पर एक तरह का कलंक है । इसे लेकर हम सभी न केवल क्षमाप्रार्थी हैं बल्कि शर्मिंदा और निराशा भी महसूस कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘यह मंदिर प्रबंधन से जुड़ा मामला है। व्यवस्था में सुधार होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।’’

उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जाएगी।

राम मंदिर के लिए सीईओ की नियुक्ति की मांग उठाने में सबसे आगे रहे मिश्रा ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है और अंतिम निर्णय वही समिति करेगी।

मिश्रा शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

मिश्रा ने आज दूसरे दिन पत्रकारों से कहा, ‘‘कल मैंने चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया। पुराने मंदिर, जिसे एक स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है, का काम लगभग पूरा हो चुका है। बस उस लौ की व्यवस्था बाकी है जो 24 घंटे जलती रहेगी।’’

उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का आखिरी चरण 30 जुलाई तक पूरा हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अन्य परियोजनाएं, जैसे चार किलोमीटर लंबी चारदिवारी का निर्माण और मंदिर परिसर के बाहर ऑडिटोरियम का कार्य, नवंबर-दिसंबर तक पूरे हो सकती हैं।

राम कथा संग्रहालय को लेकर उन्होंने बताया कि संग्रहालय की 20 गैलरियों की ‘स्टोरी लाइन’ तैयार हो चुकी है और अब तकनीकी प्रस्तुति, ‘डिजिटल इंस्टॉलेशन’ और वीडियो सामग्री को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि संग्रहालय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आकर्षक अनुभव प्रदान कर सके।

भाषा आनन्द

रंजन राजकुमार

राजकुमार


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