चंडीगढ़, चार अगस्त (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने अपने नेता चरणजीत सिंह चन्नी को हाशिये पर धकेल दिया है। उन्होंने आरोप भी लगाया कि कांग्रेस किसी दलित या पिछड़े वर्ग के नेता को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वोटबैंक की राजनीति की है और उसने गरीबों व पिछड़ों के वोट तो लिए, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी और राज्य के कुछ हिस्सों में वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर लगाए गए पोस्टर के बारे में पूछे जाने पर सैनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
पंजाब के मुक्तसर में ‘‘बघेल वापस जाओ’’ के पोस्टर देखने को मिले हैं, वहीं फिरोजपुर में चन्नी को एक पोस्टर में ‘आरएसएस’ लिखी बनियान पहने दिखाया गया है। भूपेश बघेल कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हैं।
दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के प्रमुख नेता चन्नी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से मौजूदा सांसद हैं।
सवाल का जवाब देते हुए सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया और फिर ‘‘छुट्टी कर दी’’।
सैनी ने कहा, ‘‘कांग्रेस की यही नीति है। कांग्रेस किसी पिछड़े या दलित को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जरा उस व्यक्ति के बारे में सोचिए, जिसने कांग्रेस के सबसे कठिन दौर में पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, मुश्किल समय में भी पार्टी के लिए मजबूती से डटे रहे, लेकिन बाद में उन्हें ही हाशिये पर धकेल दिया गया।’’
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और होते हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह कहावत विपक्षी दलों की राजनीति पर सटीक बैठती है।
प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) नीत पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए सैनी ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भगवंत मान सरकार तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘‘चुप्पी’’ पर सवाल उठाए।
पिछले कुछ महीनों में सैनी लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पंजाब में उन्होंने सत्तारूढ़ ‘आप’ और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों पर जमकर हमला बोला है तथा विश्वास जताया है कि 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा राज्य में अपनी सरकार बनाएगी।
कांग्रेस की पंजाब इकाई 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अंदरूनी कलह से जूझ रही है। यह गुटबाजी तब खुलकर सामने आई जब एक जुलाई को पार्टी नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने और जालंधर सांसद चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया।
भाषा खारी पवनेश
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