इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने की साजिश के आरोप में दो लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया

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इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने की साजिश के आरोप में दो लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया

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  • Publish Date - December 24, 2024 / 08:45 PM IST,
    Updated On - December 24, 2024 / 08:45 PM IST

चेन्नई, 24 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने तमिलनाडु और पड़ोसी राज्यों में कथित तौर पर आतंक फैलाने के अलावा देश में इस्लामिक ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश रचने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है।

एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) आतंकी संगठन की ‘गुप्त कक्षाओं’ में ‘दारियों/छात्रों’ की भर्ती करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।

चेन्नई के पूनमल्ली स्थित विशेष एनआईए अदालत के समक्ष दाखिल आरोप-पत्र में अब्दुल रहमान और मुजीबुर रहमान उर्फ अल्थम साहिब पर भारतीय दंड संहिता और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत तमिलनाडु और अन्य स्थानों पर एचयूटी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने तथा उन्हें अंजाम देने की तैयारी करने का आरोप लगाया गया है।

एनआईए के बयान के अनुसार, ‘उन्होंने धार्मिक प्रदर्शन कक्षाएं भी आयोजित की थीं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संगठन की भारत-विरोधी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कई लघु फिल्में बनाई थीं। उन्होंने आगे इस्लामी देशों की सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन किया था, जिन्हें हिंसक जिहाद और युद्ध के माध्यम से भारत में कानूनी रूप से स्थापित सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।’

एनआईए की जांच से पता चला है कि आरोपियों ने संगठन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के लिए एचयूटी के स्वयंभू पदाधिकारियों के साथ साजिश रची थी, जिसका उद्देश्य भारत में एक इस्लामिक खिलाफत स्थापित करना और एचयूटी के संस्थापक तकी अल-दीन अल-नभानी द्वारा लिखे गए शरिया-आधारित संविधान के मसौदे को लागू करना था।

भाषा सुरेश माधव

माधव