दिल्ली में 17 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के आरोप में शेफ गिरफ्तार

दिल्ली में 17 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के आरोप में शेफ गिरफ्तार

दिल्ली में 17 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के आरोप में शेफ गिरफ्तार
Modified Date: February 3, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: February 3, 2026 5:43 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक स्थानीय निवासी से 17 लाख रुपये से अधिक की रकम ठगने में साइबर जालसाजों की मदद करने के आरोप में 25-वर्षीय एक शेफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित को घर से काम करने के फर्जी अवसरों का लालच दिया गया, जिनमें कथित भुगतान वाले ऑनलाइन कार्य शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के जालना जिले के निवासी पठान उजेफ खलील खान के रूप में हुई है। खान को गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है।

पुलिस ने बताया कि यह मामला उस वक्त सामने आया जब केशव पुरम निवासी राहुल सैनी ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर अपराधियों ने उन्हें घर बैठे काम करके मोटी कमाई करने का झांसा देकर उनसे 17,16,777 रुपये की ठगी की है।

इस संबंध में एक जनवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांचकर्ताओं ने ‘डिजिटल फुटप्रिंट’, सोशल मीडिया और बैंक से लेनदेन का विश्लेषण कर पैसों के हेरफेर का पता लगाया।

पुलिस के अनुसार, ठगी की राशि कथित तौर पर आरोपी के बैंक खाते में जमा कराई गई थी, जिसे उसने बाद में चेक के जरिये निकाल लिया था। तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम को आरोपी के सटीक ठिकाने का पता लगाने में मदद मिली।

पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘खान उस गिरोह का हिस्सा था जो ठगी से कमाए गए पैसों की हेरफेर करने का काम करता था।’’

उन्होंने बताया कि इस अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि अपनी आर्थिक जरूरतों और महंगी जीवनशैली के शौक को पूरा करने के लिए वह इस गिरोह में शामिल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, वह ‘म्यूल’ खाते का इस्तेमाल कर ठगी की रकम निकालने और उसे अलग-अलग खातों में डालने-निकालने का काम करता था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके और पैसों के स्रोत की पहचान मुश्किल हो जाए।

‘म्यूल अकाउंट’ ऐसा बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल चोरी या ठगी की रकम को निकालने, हेरफेर करने या छुपाने के लिए किया जाता है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी कानून से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहता था। बारहवीं पास आरोपी एक निजी होटल में शेफ के तौर पर काम करता है। फिलहाल, पुलिस अन्य मामलों में उसकी भूमिका तथा उसके साथियों का पता लगाने के लिए उससे गहन पूछताछ कर रही है।

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश


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