सरगुजा, 30 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 13 और 15 वर्षीय दो आदिवासी लड़कियों से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया और तीन नाबालिक लड़कों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सीतापुर थाना क्षेत्र में दो लड़कियों से दुष्कर्म के आरोप में आनंद बेक (27), विकास उर्फ राहुल (24) और मनीष खलखो को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में तीन नाबालिग लड़कों को भी पकड़ा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि 26 अप्रैल को सीतापुर थाने में पीड़ित के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई कि जब वह 24 अप्रैल को तीन अन्य सहेलियों के साथ एक विवाह कार्यक्रम से लौट रही थी, तब आरोपी उसे मोटरसाइकिल से जबरदस्ती एक सुनसान जगह पर लेकर गए और उन्होंने उससे दुष्कर्म किया।
अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद पीड़िता अपने घर पहुंची और अगले दिन अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने एक अन्य लड़की से भी दुष्कर्म किया था जबकि दो अन्य सहेलियां किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग गई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने लड़कियों को चिकित्सा जांच के लिए सीतापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को जब पीड़िताओं के परिजनों ने मेडिकल रिपोर्ट में असहमति प्रकट की तब 29 अप्रैल को लड़कियों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर भेजा गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन नाबालिगों समेत छह आरोपियों को पकड़ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित वातावरण दे पाने में असफल साबित हो रही है।
कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने एक बयान में कहा कि प्रदेश में महिलाओं, मासूम बच्चियों के साथ दरिंदगी की घटनायें रुक नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि जशपुर, रायगढ़, कवर्धा, बालोद सभी जगहों पर आदिवासी बच्चियों से दुराचार की घटनायें हुई है, जो विचलित करने वाली और शर्मनाक है।
शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में महिलायें सुरक्षित नहीं है और सरकार महिलाओं, बच्चियों को सुरक्षित वातावरण दे पाने में असफल साबित हो रही है।
भाषा संजीव जितेंद्र
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