छत्तीसगढ़ वेदांता पावर प्लांट धमाका: मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हुई

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छत्तीसगढ़ वेदांता पावर प्लांट धमाका: मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हुई

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 06:23 PM IST

सक्ती (छत्तीसगढ़), 15 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार यह धमाका मंगलवार दोपहर सिंघीतराई गांव में वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में हुआ था। उन्होंने कहा कि धमाका एक स्टील ट्यूब में हुआ, जो बॉयलर से टरबाइन तक तेज दबाव वाली भाप ले जा रही थी। इस धमाके से कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए।

अधिकारियों के मुताबिक, चार मजदूरों की तभी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 अन्य ने बाद में चोटों के कारण दम तोड़ दिया।

सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।

उन्होंने बताया कि धमाके में कुल 36 मज़दूर प्रभावित हुए थे, जिनमें से 17 की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि 19 घायल मजदूरों का इलाज रायपुर और रायगढ़ के अस्पतालों में चल रहा है।

सक्ती के जिलाधिकारी अमृत विकास टोपनो ने बताया कि घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गांवों तक एम्बुलेंस से पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के पांच-पांच मजदूर, झारखंड के तीन और बिहार तथा उत्तर प्रदेश के दो-दो मजदूर शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के अमृत लाल पटेल, ठंडा राम लहरे, उधव सिंह यादव, रामेश्वर महिलांगे और नदीम अंसारी; पश्चिम बंगाल के सुशांत जाना, शेख सैफुद्दीन, मानस गिरी, कार्तिक महतो और शिबनाथ मुर्मू; झारखंड के तरुण कुमार ओझा, अब्दुल करीम और अशोक परहिया; बिहार के आकिब खान और रितेश कुमार; तथा उत्तर प्रदेश के पप्पू कुमार और बृजेश कुमार के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृत मजदूरों के परिवारों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

उन्होंने बिलासपुर संभाग के आयुक्त को इस घटना की जांच करने का आदेश भी दिया है और भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वेदांता पावर ने भी, हादसे में मरने वाले हर मजदूर के परिवार को 35-35 लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ रोजगार दिलाने में मदद की घोषणा की है।

संयंत्र प्रबंधन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कंपनी घायल हुए हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये भी देगी, ठीक होने तक उन्हें तनख्वाह देती रहेगी और उन्हें ‘काउंसलिंग’ में भी मदद देगी।

इसके अलावा, जिला प्रशासन ने एक अलग ‘मजिस्ट्रीयल’ जांच का आदेश दिया है, जबकि कंपनी ने अंदरूनी जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे घायल हुए सभी लोगों को मुफ्त और सही इलाज सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि उनकी देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सक्ती के जिलाधिकारी ‘मजिस्ट्रीयल’ जांच के लिए डभरा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को नियुक्त किया है।

एसडीएम से 30 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों—जैसे कि यह तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई या मानवीय भूल के कारण—और संयंत्र में की गई सुरक्षा जांचों के विवरण जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने और घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने प्रबंधन पर लापरवाही का और सरकार पर दोषियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग की।

सिंघीतराई में 1,200 मेगावाट के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 मेगावाट की दो यूनिट) का निर्माण, जिसका मूल स्वामित्व एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के पास था, 2009 में शुरू हुआ था, लेकिन 2016 से 2022 के बीच यह रुका रहा। वेदांता ने 2022 में इस प्लांट का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद 600 मेगावाट की एक यूनिट पिछले साल अगस्त में पूरी होकर चालू हो गई, जबकि दूसरी यूनिट का निर्माण अभी भी चल रहा है।

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार