नई दिल्लीः Rahul Gandhi on Women’s Reservation Bill महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाई है। इसे लेकर अब देश में सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार के प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के प्रस्तावों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सत्ता कब्जाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करती है, लेकिन सरकार की मंशा कुछ और है।
Rahul Gandhi on Women’s Reservation Bill राहुल गांधी ने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के मुद्दे पर पूरी तरह समर्थन में है। उन्होंने याद दिलाया कि संसद ने 2023 में महिला आरक्षण बिल को सर्वसम्मति से पास किया था, जो अब संविधान का हिस्सा है। लेकिन मौजूदा प्रस्ताव का महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों का चोरी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ किसी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Congress party unequivocally supports Women’s Reservation. Parliament unanimously passed the bill in 2023, it is already part of our Constitution.
What the government is proposing now has nothing to do with women’s reservation. This amendment is an attempted power grab using… pic.twitter.com/FFI2LwHBk4
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 15, 2026
लोकसभा में सीटें बढ़ाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विपक्ष विरोध करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग के बाद यह बात कही। मीटिंग खड़गे के घर पर हुई, जिसमें राहुल गांधी और टीएमसी, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट) और AAP नेता भी शामिल हुए। खरगे ने कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। इसलिए हमने परिसीमन बिल के विरोध का निर्णय लिया है। पूरा विपक्ष बिल के खिलाफ वोट करेगा।