दिल्ली के पुस्तक मेले में छत्तीसगढ़ की किताबों का बोलबाला

दिल्ली के पुस्तक मेले में छत्तीसगढ़ की किताबों का बोलबाला

दिल्ली के पुस्तक मेले में छत्तीसगढ़ की किताबों का बोलबाला
Modified Date: November 29, 2022 / 07:58 pm IST
Published Date: January 13, 2019 8:36 am IST

नई दिल्ली। दिल्ली के प्रगति मैदान पर चल रहे विश्व पुस्तक मेला में छत्तीसगढ़ के लेखकों ने दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। शनिवार को पुस्तक मेला में छत्तीसगढ़ के 3 लेखकों की कृतियों का विमोचन हुआ। इस किताबों में राहुल सिंह की ‘सिंहावलोकन’, बस्तर मामलों के विशेषज्ञ राजीव रंजन की ‘बस्तरःअनकही-अनजानी कहानियां’ और पत्रकार केवल कृष्ण की ‘बोगदा और अन्य कहानियां’ शामिल हैं। इसके अलावा राजीव रंजन की नक्सलवाद पर आधारित लालअंधेरा भी इसी पुस्तक मेला में विमोचित हो चुकी है।

पढ़ें-केजरीवाल को मिली बेटी के अपहरण की धमकी, हर्षिता की सुरक्षा में पीएसओ तैनात

पुस्तक मेला में विमोचित हुई किताबों में से राहुल सिंह की ‘सिंहावलोकन’ में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व तथा परंपरा पर केंद्रित लेखों का संग्रह है। वहीं राजीव रंजन प्रसाद की किताब बस्तर के अनछुए पहलुओं और नक्सलवाद के पीछे की कहानी को उजागर करती है। जबकि पत्रकार केवल कृष्ण की ‘बोगदा और अन्य कहानियां’ में अलग-अलग मिजाज की चार लंबी कहानियां हैं। मुख्य कहानी बोगदा औद्योगिक क्षेत्र में बसी बस्ती में रहने वालों की कहानी है, जिसके जरिए वामपंथ के आडंबर को उजागर किया गया है। केवल कृष्ण का इससे पहले छत्तीसगढ़ की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित लघु उपन्यास बघवा काफी सुर्खियां बटोर चुका

 

 


लेखक के बारे में