‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति का नया उदाहरण पेश किया: मोदी

‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति का नया उदाहरण पेश किया: मोदी

‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति का नया उदाहरण पेश किया: मोदी
Modified Date: September 27, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: September 27, 2026 3:41 pm IST

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि 2016 में की गई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ आतंकवादी हमलों का दर्द झेल रहे भारत का निर्णायक जवाब थी और इसने आतंकवाद से निपटने की देश की नीति का एक नया उदाहरण दुनिया के सामने पेश किया।

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलता है और देश ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद का कड़ा एवं निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बालाकोट हवाई हमले से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक भारत ने कई बार यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर आतंकवादी देश पर बुरी नजर डालने का दुस्साहस करेंगे तो उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने 2016 की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के वीर जवानों ने जिस तरह नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की, उससे पूरी दुनिया हैरान रह गई थी।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत की एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि की 10वीं वर्षगांठ बस एक दिन बाद है और वह उपलब्धि ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ है। भारतीय सेना ने 10 साल पहले 28-29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवादी हमलों का दर्द लंबे समय तक सहा और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ इसका निर्णायक जवाब थी।

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने आतंकवाद से निपटने की भारत की नीति का एक नया उदाहरण पूरी दुनिया के सामने साहसिक तरीके से पेश किया।’’

भारतीय बलों ने जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के एक शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी शिविरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। उरी हमले में 18 जवान शहीद हुए थे।

मोदी ने कहा कि भारत लंबे समय से आतंकवादी हमलों के जख्म झेलता रहा है और एक समय ऐसा था जब देश में सिलसिलेवार बम धमाके आम बात हो गए थे।

उन्होंने कहा कि 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सिलसिलेवार धमाकों में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इसके कुछ ही सप्ताह बाद मुंबई में 26/11 (26 नवंबर 2008) का भीषण हमला हुआ। पहले भी हर आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठती थी लेकिन इन मांगों पर अक्सर उचित ध्यान नहीं दिया जाता था और बस समय बीतने का इंतजार किया जाता था।’’

उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रहा है और इसके परिणाम सबके सामने हैं।

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने का उल्लेख ऐसे समय किया है जब दो दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाया था।

शरीफ ने कश्मीर मुद्दा उठाते हुए कहा था कि दक्षिण एशिया को 2025 जैसे संघर्ष के मुहाने पर दोबारा पहुंचने से रोकने के लिए कश्मीर मुद्दे का न्यायसंगत समाधान जरूरी है।

भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र के अन्य मंचों पर कश्मीर को लेकर उठाए जाने वाले पाकिस्तान के दावों को लगातार खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।

भारत ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 आम लोगों की मौत के जवाब में पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था और पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका में 11 सितंबर के आतंकवादी हमलों के भी इस वर्ष 25 साल पूरे हो रहे हैं और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में मारे गए लोगों में अमेरिकी नागरिकों के बाद सबसे अधिक संख्या भारतीयों की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे याद है कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद जब मैं अमेरिका गया था तो उन निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि देने न्यूयॉर्क पहुंचा था। मैं आज एक बार फिर करोड़ों भारतीयों की ओर से शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’

प्रधानमंत्री ने मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में लाखों युवाओं ने हाल में नशे और मादक पदार्थों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और इस संदेश को दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है।

मोदी ने कहा कि इस अभियान की एक खास बात यह है कि युवा नशे के खिलाफ संदेश अपनी भाषा और अपने तरीके से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ‘मन की बात’ में भी युवाओं से अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करते हुए इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया था और मुझे खुशी है कि इस आह्वान के बाद हजारों युवा आगे आए हैं।’’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके व्यक्तित्व के कई ऐसे पहलू हैं जिनकी ज्यादा चर्चा नहीं होती।

मोदी ने कहा, ‘‘राम मंदिर आंदोलन के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक भेदभाव और असमानता के खिलाफ भी बड़ी लड़ाई लड़ी। मैं आज उनकी जन्मशती के अवसर पर उनके लाखों प्रशंसकों की ओर से उन्हें नमन करता हूं और अपनी ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि देता हूं।’’

प्रधानमंत्री ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का जिक्र करते हुए कहा कि एक हजार साल पहले 1026 में महमूद गजनवी ने पहली बार सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया था।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ को नष्ट करने और भारत की पहचान मिटाने आए लोगों का आज कोई अस्तित्व नहीं है, जबकि सोमनाथ मंदिर आज भी विशाल समुद्र के किनारे पूरी भव्यता के साथ खड़ा है और भारत को अमरत्व का आशीर्वाद दे रहा है।

मोदी ने कहा, ‘‘इसीलिए हमने इस वर्ष ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ बहुत गर्व के साथ मनाया।’’

प्रधानमंत्री ने दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी ने लोगों को जीवन के कई मार्गदर्शक सिद्धांत दिए और स्वच्छता उनमें से एक है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने आसपास स्वच्छता से जुड़े अनेक प्रेरक प्रयास अक्सर देखने को मिलते हैं और इनसे संबंधित तस्वीरें, वीडियो एवं ‘रील’ अक्सर सोशल मीडिया पर भी ध्यान आकर्षित करते हैं।’’

मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश में युवा एक नदी की सफाई कर रहे हैं और उनके इस छोटे से प्रयास से पूरा समुदाय जुड़ रहा है।

इसी तरह मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में युवा पुरानी बावड़ियों और कुओं की सफाई कर प्राचीन धरोहरों के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुंबई में कुछ युवा समुद्र तटों को साफ रखने की पहल कर रहे हैं और हर सप्ताह सैकड़ों युवा किसी न किसी समुद्र तट पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में बच्चे एवं युवा कचरे को अलग-अलग करने और आसपास सफाई बनाए रखने के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं जबकि पश्चिम बंगाल में युवा छात्र स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पिकनिक स्थलों के बाजार क्षेत्रों की सफाई कर रहे हैं।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन


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