नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) का कृत्रिम बुद्धमित्ता (एआई) तकनीक से लैस ‘डस्ट पोर्टल 2.0’ सोमवार को शुरू किया।
इस डिजिटल मंच का उद्देश्य वास्तविक समय की निगरानी और स्वचालित अलर्ट के माध्यम से निर्माण से संबंधित धूल प्रदूषण की निगरानी को मजबूत करना है।
पोर्टल की शुरुआत करते हुए गुप्ता ने कहा कि उन्नत पोर्टल में पारंपरिक निगरानी की जगह एआई-आधारित प्रणाली का उपयोग किया गया है और इससे निर्माण स्थलों से धूल प्रदूषण को लेकर वास्तविक समय में अलर्ट मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘अब तक, हर चीज की निगरानी पारंपरिक रूप से की जा रही थी। एआई-आधारित धूल शमन पोर्टल के साथ, निर्माण स्थलों पर स्थापित 360-डिग्री कैमरे और सेंसर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को वास्तविक समय में अलर्ट भेजेंगे। यह पोर्टल अनुपालन, निगरानी और प्रवर्तन में सुधार करके तकनीक आधारित, प्रभावी प्रशासन को सक्षम करेगा।’
मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली में लगभग 1,800 निर्माण स्थल हैं, जिनमें से 800 से 900 वर्तमान में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 800 स्थल पहले ही पोर्टल से जुड़े 360-डिग्री कैमरों से लैस हो चुके हैं।
दिल्ली सचिवालय में पोर्टल शुरू करने के दौरान मौजूद पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पोर्टल अधिकारियों को शहर भर में निर्माण गतिविधियों की निगरानी करने और धूल प्रदूषण के खिलाफ प्रवर्तन में सुधार करने में मदद करेगा।
सिरसा ने कहा, ‘‘हमारी सरकार दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त शहर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। यह पोर्टल यह जानकारी देगा कि कितनी इमारतें निर्माणाधीन हैं और इनसे किस स्तर का प्रदूषण फैल रहा है। इस पोर्टल से अधिकारियों को धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए शहर भर में निर्माण गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने में मदद मिलेगी।’’
सिरसा ने कहा कि उन्नत प्रणाली निगरानी को स्वचालित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को कैमरों और स्थानीय सेंसर के साथ एकीकृत करती है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पोर्टल पहले केवल कंप्यूटर पर ही उपलब्ध था, लेकिन अब यह मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होगा।
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