चंडीगढ़। Sarkari Karmachari News हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देते हुए मेडिकल रीइम्बर्समेंट के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब 9 हजार रुपये तक मासिक आय वाले आश्रित भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ ले सकेंगे। पहले यह सीमा केवल 3,500 रुपये प्रतिमाह थी, जिसके कारण अनेक परिवार इस सुविधा से बाहर हो जाते थे।
Sarkari Karmachari News स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से सोमवार को जारी आदेश के साथ ही नई व्यवस्था प्रभावी हो गई। सरकार का कहना है कि वर्ष 2007 से लागू आय सीमा वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई के अनुरूप नहीं रह गई थी। इसी को देखते हुए आश्रितों की पात्रता की सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। नई व्यवस्था के तहत यदि किसी कर्मचारी या पेंशनर के आश्रित की मासिक आय 9,000 रुपये तक है, तो उसे चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए पात्र माना जाएगा। इससे पहले निर्धारित सीमा कम होने के कारण बड़ी संख्या में ऐसे आश्रित योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
सरकार ने यह निर्णय वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया है। वित्त विभाग ने 26 जून 2026 को प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, महालेखाकार तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकारी कर्मचारियों के संगठनों का मानना है कि लंबे समय से आय सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी। नई सीमा लागू होने से अधिक परिवार मेडिकल रीइम्बर्समेंट योजना के दायरे में आएंगे और इलाज का खर्च उठाने में उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
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