दिल्ली दंगा : आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन और चार अन्य दोषी करार

Ads

दिल्ली दंगा : आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन और चार अन्य दोषी करार

  •  
  • Publish Date - July 13, 2026 / 06:59 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 06:59 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हुई सनसनीखेज हत्या का दोषी ठहराया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपियों के मामले की सुनवाई कर रहे थे और उन्होंने उनमें से पांच को दोषी ठहराया।

अदालत ने ताहिर हुसैन को वैमनस्य फैलाने, दंगा करने, मारपीट, आपराधिक बल प्रयोग और हत्या के आरोपों में दोषी पाया।

यह मामला अंकित कुमार के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है।

रवींद्र कुमार के अनुसार, आईबी में तैनात अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को कार्यालय से घर लौटे थे और उसके बाद बाहर निकले थे।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब अंकित काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तब परिवार वालों ने उन्हें खोजना शुरू किया।

रवींद्र कुमार के अनुसार, तभी स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई है और उसका शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। बाद में अंकित शर्मा का शव नाले से बरामद किया गया।

अपनी शिकायत में रवींद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों ने की थी। शिकायत में कहा गया है कि ये लोग कथित तौर पर हुसैन के दफ्तर में जमा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को ठिकाने लगा दिया था।

इस मामले में नाम आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी ने निलंबित कर दिया था।

दिल्ली की एक अदालत ने 24 मार्च 2023 को ताहिर हुसैन और 10 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए।

अन्य आरोपी हसीन उर्फ ​​मुल्लाजी उर्फ ​​सलमान, नाज़िम, कासिम, समीर खान, अनस, फ़िरोज़, जावेद, गुलफ़ाम, शोएब आलम उर्फ ​​बॉबी और मुंतजिम उर्फ ​​मूसा हैं।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए जो दंगा करने, घातक हथियारों के साथ दंगा करने, समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने, हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं।

ताहिर हुसैन पर लोगों को उकसाने और सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देने के अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए।

यह घटना फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के समय हुई थी।

दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

भाषा

राजकुमार दिलीप

दिलीप