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तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु), एक जून (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को खुद के खिलाफ विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोपों को खारिज कर दिया। विजय ने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दलों द्रमुक तथा अन्नाद्रमुक पर आरोप लगाया कि वे लूट मचाने के लिए चोरी-छिपे सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
दस मई को मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पहली बार जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर तीखा हमला बोला और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की लगातार आलोचना करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि द्रमुक की “परिवार की राजनीति” ही 23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में उसकी हार का कारण बनी।
विजय ने कहा, “जनता ने मुझे मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि ‘प्रथम सेवक’ बनाया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक जितनी ज्यादा उनकी आलोचना करेगी, उतना ही अधिक लाभ टीवीके को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों द्रविड़ दलों ने मिलकर “सौदेबाजी” की और गुपचुप तरीके से सरकार बनाने की कोशिश की ताकि “लूट” मचाते रहें
विजय ने दावा किया कि दोनों दलों को डर था कि अगर टीवीके सरकार बना लेगी तो उनका काम यानी लूट और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा।
उन्होंने द्रमुक को “बुरी ताकत” और अन्नाद्रमुक को “खत्म हो चुकी ताकत” बताया।
टीवीके प्रमुख ने कहा, “जैसाकि मैंने पहले कहा था, मुकाबला केवल टीवीके और द्रमुक के बीच है, बाकी कोई मायने नहीं रखता।”
उन्होंने कहा कि लोग उन्हें पेरम्बू का विधायक कहते हैं, लेकिन उनके लिए तिरुचिरापल्ली के लोग बहुत करीब हैं।
विजय ने यह भी कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) को भी उनके पहले चुनाव में इतने वोट नहीं मिले थे, जितने उन्हें मिले हैं।
उन्होंने कहा कि वह खुद की तुलना एमजीआर से नहीं कर रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं एमजीआर, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलने वाला आपका विजय हूं, बस इतना ही।”
विजय ने यह भी कहा कि अगर थोड़ा और समर्थन मिला होता तो परिणाम और बेहतर होते, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भविष्य के सभी चुनावों में पूरा समर्थन मिलेगा।
उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी टीवीके ने जाति, धर्म और वोट के बदले पैसे जैसी बाधाओं को तोड़ा है।
उन्होंने कहा कि टीवीके सरकार सभी का ख्याल रखेगी और राज्य के अधिकारों तथा धर्मनिरपेक्षता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष