कोच्चि, 14 अप्रैल (भाषा) केरल के एर्नाकुलम जिले के कुछ हिस्सों में चिकनगुनिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
अधिकारियों के अनुसार, जिले की कुन्नुकारा और चेंगामनाड पंचायतों में इस बीमारी के कई मामले एक साथ सामने आए हैं।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, अब तक नौ मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 19 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
कुन्नुकारा में कुल 24 मामले (6 पुष्ट और 18 संदिग्ध) और चेंगामनाड में चार मामले (3 पुष्ट और 1 संदिग्ध) दर्ज किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मच्छर जनित इस वायरल बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में गहन निगरानी, निवारक उपाय और जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने आगाह किया है कि इस बीमारी के कारण अचानक तेज बुखार, जोड़ों में गंभीर दर्द (विशेष रूप से हाथों, टखनों और घुटनों में), मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मामलों में त्वचा पर चकत्ते भी पड़ सकते हैं। बयान में सलाह दी गई है कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें और खुद से दवा लेने से बचें।
केरल सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियम, 2023 का हवाला देते हुए अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि घरों या व्यावसायिक परिसरों में मच्छर पनपते हुए पाए गए, तो 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
अधिकारियों ने कहा, ‘चिकनगुनिया को फैलने से रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।’
उन्होंने मच्छरों को पनपने से रोकने के उपायों में जनता से सहयोग की अपील की है
भाषा सुमित नरेश
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