चौकीदारी हत्याकांड: पुलिस बोली- घटना सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई लगती है

चौकीदारी हत्याकांड: पुलिस बोली- घटना सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई लगती है

चौकीदारी हत्याकांड: पुलिस बोली- घटना सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई लगती है
Modified Date: May 25, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: May 25, 2026 10:11 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) पुलिस ने सोमवार को कहा कि बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी गांव में एक कार चालक द्वारा 60 वर्षीय चौकीदार की हत्या अचानक गुस्से में आकर नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई लगती है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पीड़ित को बार-बार कुचलने के बाद बिना नंबर प्लेट वाली एसयूवी में भाग निकला, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया।

उन्होंने बताया कि जांचकर्ता चोरी के प्रयास, पुरानी दुश्मनी और पीड़ित के काम करने वाले टेम्पो स्टैंड से जुड़े विवाद की जांच कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एसयूवी की आवाजाही दर्ज हो गई है, जिसे आखिरी बार दिल्ली-हरियाणा सीमा पर हिरन कुडना के पास देखा गया था।

पीड़ित बिजेंद्र भारद्वाज पीरागढ़ी गांव में एक टेम्पो स्टैंड पर चौकीदार का काम करते थे। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, शनिवार-रविवार की दरमियानी तड़के करीब 2:54 बजे जब उन पर हमला हुआ, तब वह मौके पर अकेले थे।

एक अधिकारी ने बताया, ‘पहले पीड़ित को लाठियों से पीटा गया और फिर एसयूवी से तीन से चार बार कुचल दिया गया।’

जांचकर्ताओं के अनुसार, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सड़क के एक कोने पर एक एसयूवी कार खड़ी दिखाई दी, जिसकी हेडलाइटें जल रही थीं, जबकि पीड़ित पास ही एक कुर्सी पर बैठा था।

उन्होंने बताया बाद में एक व्यक्ति गाड़ी से बाहर निकला, जिसके हाथ में एक बड़ा डंडा था, और उसने भारद्वाज पर हमला कर दिया। पीड़ित के भागने की कोशिश करने पर आरोपी एसयूवी में वापस बैठ गया और उसे गाड़ी से टक्कर मारी जिससे वह एक कोने में जा गिरा गया और उन्हें कई बार कुचलने के बाद फरार हो गया।

पुलिस ने कहा कि एसयूवी पर पंजीकरण नंबर प्लेट न होने से चालक का पता लगाना बड़ी चुनौती बन गई है।

अधिकारी ने कहा,’हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, लेकिन यह हत्या किसी आम रोड रेज के मामले के विपरीत, अचानक गुस्से में होने के बजाय सुनियोजित प्रतीत होती है।’

मृतक के छोटे भाई मुकेश भारद्वाज ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि हमलावरों ने जानबूझकर उन्हें उस समय निशाना बनाया जब वह ड्यूटी पर थे।

उन्होंने कहा,“लगभग देर रात तीन बजे हमें एक अन्य चौकीदार का फोन आया, जिसने हमें घटना की जानकारी दी। उस समय वह वहां अकेला था। किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। हो सकता है पहले कोई कहा-सुनी हुई हो। उन्होंने कुछ चुराने की कोशिश की हो सकती है, और मेरे भाई ने उन्हें रोका हो सकता है।”

परिवार के सदस्यों ने प्रारंभिक पुलिस कार्रवाई में खामियों का भी आरोप लगाया।

पीड़ित की पोती ने दावा किया कि परिवार के हत्या का दावा करने के बावजूद पुलिस ने पहले इस मामले को सड़क दुर्घटना माना।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘हमने शुरू से ही पुलिस को बताया था कि यह हत्या है, लेकिन उन्होंने पहले इस बाबत दुर्घटना का मामला दर्ज किया। बाद में हत्या के आरोप भी जोड़ दिए गए। आरोपियों ने पूरी साजिश रची थी। मेरे दादाजी वहां करीब एक साल से काम कर रहे थे।’

पुलिस ने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए आठ से अधिक टीमें गठित की गई हैं और आसपास की सड़कों, चौराहों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कई सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर गाड़ी के टायरों के निशान मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि घटना के दौरान वाहन ने तेज ब्रेक लगाए थे।

उन्होंने बताया कि पश्चिम विहार पश्चिम थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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