अतिक्रमण विरोधी गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं देने पर डीडीए को सीआईसी की फटकार

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अतिक्रमण विरोधी गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं देने पर डीडीए को सीआईसी की फटकार

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 08:11 PM IST

(मोहित सैनी)

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को छह जून, 2023 को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भूमिहीन कैंप में कथित तौर पर अतिक्रमण हटाने से संबंधित गतिविधियों का विवरण देने की मांग वाले आरटीआई आवेदन के जवाब में पूर्ण और विशिष्ट जानकारी प्रदान नहीं करने के लिए फटकार लगाई है।

लाली गुप्ता ने अपने आरटीआई आवेदन में दावा किया कि 12 मई, 2023 से संचालित भूमिहीन कैंप पर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था और डीडीए के अधिकारियों से यह जानना चाहा कि ‘‘छह जून, 2023 को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत किस प्रकार की नीति अपनाई गई थी’’।

आरटीआई आवदेन में कहा गया, ‘‘दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था, इसके बावजूद भूमिहीन कैंप को ध्वस्त कर दिया गया। कृपया इसके बारे में पूरी जानकारी दें।’’

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने हाल में एक आदेश में कहा कि ‘‘डीडीए द्वारा दिए गए जवाब में केवल यह कहा गया है कि स्थगन आदेश के बाद, डीडीए द्वारा भूमिहीन कैंप स्थल पर तोड़फोड़ की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि, अपीलकर्ता ने विशेष रूप से छह जून, 2023 को डीडीए द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित जानकारी मांगी थी।’’

सूचना आयुक्त संजीव कुमार जिंदल ने पाया कि डीडीए द्वारा दिया गया जवाब अपर्याप्त था और इसमें आवेदक द्वारा 6 जून, 2023 को चलाये गये अतिक्रमण रोधी अभियान के संबंध में उठाए गए प्रश्नों का समाधान नहीं किया गया था।

सीआईसी ने कहा कि जब ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के नाम, अतिक्रमण रोधी अभियान की तारीखें और अपनाई गई नीति जैसी विशिष्ट जानकारी मांगी जाती है, तो ‘‘केवल एक सामान्य बयान’’ को उचित उत्तर नहीं माना जा सकता है।

केंद्रीय सूचना आयोग ने आरटीआई आवेदन के निपटान में प्रक्रियात्मक खामियों को भी उजागर किया और बताया कि आरटीआई अधिनियम की धारा 6(3) के तहत निर्धारित पांच दिन की वैधानिक अवधि के भीतर आवेदन के एक हिस्से को इंजीनियरिंग विभाग को स्थानांतरित नहीं किया गया था।

संबंधित दोनों ‘सीपीआईओ’ के आचरण की निंदा करते हुए, सीआईसी ने उन्हें आरटीआई आवेदन की पुनः जांच करने और रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी के आधार पर संशोधित, बिंदुवार उत्तर प्रदान करने का निर्देश दिया।

आयोग ने अपीलकर्ता को सात दिन के भीतर संशोधित उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी में स्थित भूमिहीन कैंप में पिछले कुछ वर्षों में कई अतिक्रमण रोधी अभियान चलाये गये हैं। जुलाई 2023 में और फिर मई और जून 2025 में इस बस्ती को हटाने के अभियान चलाए गए। पिछले वर्ष जून में उस स्थल पर 344 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया।

भाषा देवेंद्र अविनाश

अविनाश