सीआईसी ने संविदा श्रमिकों के वेतन पर स्पष्टता मांगी, उद्योग संवर्धन विभाग से सवाल किए

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सीआईसी ने संविदा श्रमिकों के वेतन पर स्पष्टता मांगी, उद्योग संवर्धन विभाग से सवाल किए

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 10:05 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 10:05 PM IST

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) को उत्तर प्रदेश की एक सीमेंट फैक्टरी में संविदा श्रमिकों के वेतन निर्धारण के आधार से संबंधित प्रश्नों पर एक संशोधित और विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सीआईसी ने कहा कि विभाग द्वारा पूर्व में दिया गया जवाब अपूर्ण था और सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन में उठाए गए सभी पहलुओं का समाधान नहीं किया गया।

अपने आरटीआई आवेदन में, अपीलकर्ता ने तीन विशिष्ट प्रश्न उठाए थे। इनमें यह शामिल था कि क्या यह फैक्टरी केंद्र सरकार या राज्य सरकार के नियमों के तहत संचालित होती है, और जब यह सरकारी फैक्टरी के रूप में कार्य करती थी तब कौन से नियम लागू होते थे।

उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘जब उत्पादित सीमेंट की कीमत केंद्र सरकार द्वारा तय की जाती है, तो फैक्टरी में काम करने वाले संविदा श्रमिकों की मजदूरी की दर राज्य सरकार द्वारा किस आधार पर निर्धारित की जाती है?’’

सुनवाई के दौरान, प्रतिवादी ने कहा कि सीमेंट उद्योग को ‘‘आर्थिक उदारीकरण की नीति के तहत 1989 में विनियमन मुक्त किया गया और 1991 में लाइसेंस मुक्त किया गया।’’

प्रतिवादी ने कहा, ‘‘इस प्रकार, भारत सरकार सीमेंट की कीमतों और सीमेंट उद्योग के प्रशासन/प्रबंधन को नियंत्रित नहीं करती है।’’ उन्होंने कहा कि यह बात पहले ही अपीलकर्ता को बता दी गई थी।

हालांकि, आयोग को जवाब में कमियां मिलीं। आयोग ने पाया कि प्रतिवादी यह स्पष्ट करने में विफल रहा कि ‘‘क्या कोई नियम, दिशानिर्देश हैं जिनके आधार पर संबंधित फैक्टरी में काम करने वाले संविदा श्रमिकों की मजदूरी दर तय की जाती है।’’

आयोग ने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान इस विशिष्ट पहलू पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप