नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) सिटिजंस फॉर फ्रैटरनिटी (सीएफएफ) नामक नागरिक समाज समूह ने दिल्ली के उत्तम नगर में मुस्लिम समुदाय को “खुली धमकी” मिलने के मद्देनजर बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के लिए विशेष निर्देश देने का आग्रह किया।
पत्र पर दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पूर्व उपकुलपति जमीर उद्दीन शाह, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीक़ी, उद्योगपति सईद शेरवानी और पूर्व सीमाशुल्क आयुक्त सैयद महमूद अख्तर के हस्ताक्षर हैं।
पत्र में कहा गया है, “ होली पर तरुण नामक युवक की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से संबंधित प्रकरण की हम कड़ी निंदा करते हैं। इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी के बावजूद कई समूह, व्यक्ति और संगठन उत्तम नगर का दौरा करके क्षेत्र की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं।”
पत्र में कहा गया है कि कई लोगों ने ईद की नमाज में व्यवधान डालने की धमकी दी है। पत्र में इसे “विशुद्ध रूप से उकसावा” करार दिया गया है।
सीएफएफ ने पत्र में लिखा, “अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दी जानी चाहिए और ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि फिर दोबारा ऐसी घटना न हो। किसी को भी इस घटना का इस्तेमाल करके दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”
पत्र में कहा गया है, “हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि पुलिस को सतर्क रहने और खुली धमकी जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए जाएं। हमें यकीन है कि आपके निर्देशों का आवश्यक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”
चार मार्च को होली के दिन जेजे कॉलोनी इलाके में 26 वर्षीय तरुण के परिवार और पड़ोसियों के बीच हुई झड़प के दौरान तरुण की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, हिंसा उस समय भड़की जब तरुण के परिवार की एक लड़की द्वारा फेंके गए गुब्बारे का पानी पड़ोसी परिवार की एक महिला पर जा गिरा।
बाद में कुछ हिंदू संगठनों ने हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोपी परिवार के दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस ने तब से सुरक्षा बढ़ा दी है और ईद से पहले किसी भी तनाव को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
भाषा जोहेब नरेश
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