बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बैरक में रहेंगे नागरिक पुलिसकर्मी, निर्वाचन आयोग का आदेश
बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बैरक में रहेंगे नागरिक पुलिसकर्मी, निर्वाचन आयोग का आदेश
कोलकाता, 20 अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग ने सोमवार को आदेश दिया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए नागरिक, ग्राम और ‘ग्रीन’ पुलिस कर्मियों को मतदान से तीन दिन पहले बैरक में भेज दिया जाए।
नागरिक, ग्राम और ग्रीन पुलिस कर्मियों का चयन कुछ शारीरिक दक्षता और पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले युवाओं में से किया जाता है। ये कर्मी यातायात नियंत्रण, स्थानीय कार्यक्रमों, त्योहारों और इसी तरह के अन्य अवसरों पर पुलिस बल की सहायता करते हैं।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी दल नियमों का उल्लंघन कर चुनाव ड्यूटी में इन कर्मियों का इस्तेमाल करता है।
सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को जारी एक आदेश में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि ऐसे सभी कर्मियों को मतदान की तारीख से तीन दिन पहले ‘रिजर्व पुलिस लाइन्स’ में रिपोर्ट करना होगा।
यह निर्देश 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से ठीक तीन दिन पहले और 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से नौ दिन पहले आया है।
निर्वाचन आयोग के निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन कर्मियों को केवल मतदान के दिन वोट डालने के लिए ही रिजर्व लाइन्स से बाहर जाने की अनुमति होगी और वह भी बिना वर्दी के सामान्य या नागरिक कपड़ों में।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘किसी भी तरह के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने तथा चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए।
आदेश में कहा गया है कि रिजर्व लाइन्स में तैनात रहने के दौरान, इन कर्मियों को चुनाव से संबंधित कोई भी ड्यूटी या कोई अन्य कार्य नहीं सौंपा जाएगा। वे केवल आवश्यकतानुसार चुनाव से इतर अन्य कार्यों का ही निष्पादन करेंगे।
भाषा सुमित रंजन
रंजन

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