कोलकाता, 14 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के कार्यकर्ताओं की मंगलवार को पूर्वी कोलकाता के ढापा इलाके में झड़प हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
उसने बताया कि यह घटना तब घटी जब एंटाली से भाजपा प्रत्याशी प्रियंका तिबरेवाल कोलकाता नगर निगम के वार्ड 58 में चुनाव प्रचार कर रही थीं।
पुलिस ने बताया कि लाउडस्पीकर पर गाने बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद जल्द ही हाथापाई में तब्दील हो गया।
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव हैं। मतों की गिनती चार मई को होगी।
एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करते हुए तिबरेवाल एवं अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं को इलाके से बाहर निकाला।
तिबरेवाल ने इस घटना के मद्देनजर तंगरा और प्रगति मैदान थानों के प्रभारी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे एक कार्यकर्ता को बुरी तरह पीटा गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हिंसा में कुछ महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुईं। तृणमूल समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि 29 अप्रैल को स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान न हो सके।”
तिबरेवाल ने आरोप लगाया कि ढापा और तंगरा क्षेत्रों में प्रचार करने की अनुमति होने के बावजूद, भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती आवश्यक है, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रभावी ढंग से उसकी तैनात नहीं कर रही है।
आरोपों का खंडन करते हुए तृणमूल प्रत्याशी संदीपन साहा ने भाजपा पर तनाव बढ़ाने और मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया, “भाजपा अशांति पैदा करने और विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता ने ऐसे हथकंडों को खारिज कर दिया है।”
साहा ने कहा कि चूंकि प्रशासन निर्वाचन आयोग के अधीन है, इसलिए कोई भी शिकायत सीधे आयोग को भेजी जानी चाहिए।
एक अलग घटना में, चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल समर्थकों के साथ झड़प के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के उत्तरी इलाके में वराहनगर थाने का घेराव किया।
वराहनगर से भाजपा प्रत्याशी सजल घोष ने आरोप लगाया कि एक सभा से लौट रहे पार्टी के चार समर्थकों के साथ तृणमूल कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से मारपीट की।
हालांकि, तृणमूल उम्मीदवार सायंतिका बंद्योपाध्याय ने इस घटना को भाजपा की अंदरुनी कलह का परिणाम बताया और घोष पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
पुलिस ने बताया कि दोनों घटनाओं के संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
भाषा राजकुमार धीरज
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