युवाओं को नशे से दूर रखने और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाए सीएलजी सदस्य: मुख्यमंत्री शर्मा

युवाओं को नशे से दूर रखने और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाए सीएलजी सदस्य: मुख्यमंत्री शर्मा

युवाओं को नशे से दूर रखने और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाए सीएलजी सदस्य: मुख्यमंत्री शर्मा
Modified Date: August 18, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: August 18, 2026 8:31 pm IST

जयपुर, 18 अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) के सदस्यों से युवाओं को नशे से दूर रखने और महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

शर्मा ने बिरला सभागार में युवा सीएलजी सदस्यों और ‘सुरक्षा सखियों’ से संवाद करते हुए कहा कि समूह के सदस्य जनता और पुलिस के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि समय पर साझा की गई छोटी-सी जानकारी भी किसी बड़ी घटना को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो स्वस्थ, जागरूक और नेतृत्व की भूमिका निभाने में सक्षम हो तथा नशे व अपराध से दूर रहे।

उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 74 हजार से अधिक युवाओं का समूह के सदस्यों के रूप में चयन किया गया है, इनमें 61 हजार से अधिक बीट स्तर, 11 हजार से अधिक थाना स्तर और करीब दो हजार जिला स्तर पर हैं।

शर्मा ने बताया कि युवा सदस्यों में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है और समाज के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सदस्यों को छोटे-मोटे विवाद, पड़ोस के झगड़े और पुलिस से संबंधित शिकायतों को अपने स्तर पर सुलझाने का प्रयास करना चाहिए तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने ‘सुरक्षा सखी’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रत्येक थाने में 20 से 30 महिलाओं का चयन किया जा रहा है।

शर्मा ने कहा कि राजस्थान में अब तक करीब 22 हजार ‘सुरक्षा सखियों’ का चयन किया जा चुका है, इनमें आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, शिक्षक, प्रधानाचार्य और महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुरक्षा सखियों’ की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि महिलाओं में विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करना भी उनका दायित्व है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति पर काम कर रही है।

शर्मा ने कहा कि साथ ही पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि पीड़ितों के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने रोजगार व भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और ऐसे मामलों में 569 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि अपराध रोकने और सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अन्य जिलों की ‘सुरक्षा सखियों’ और युवा सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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