नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए अपनी जान गंवाने वाले छह सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को बुधवार को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा, “ कोविड योद्धाओं के परिवारों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। यह आर्थिक मदद केवल एक सहारा है ताकि परिवारों को रोजमर्रा की परेशानियों में कुछ राहत मिल सके।”
गुप्ता ने कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और वे केवल अपने परिवारों के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के नायक हैं।
गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), दिल्ली जल बोर्ड, इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) एवं मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से जुड़े दिवंगत छह कर्मचारियों के परिजनों को सचिवालय में हुए एक कार्यक्रम में एक-एक करोड़ रुपये के चेक सौंपे।
गुप्ता ने सहायता राशि देने में हुई देरी पर दुख जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे मामलों को अब सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे किसी भी पात्र परिवार को मदद पाने के लिए बेवजह इंतजार न करना पड़े।
बयान के मुताबिक, इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दिल्ली यातायात पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) राधे श्याम के परिवार को भी एक करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने द्वारका में जान गंवाने वाले एक बच्चे के परिवार को भी आर्थिक मदद दी है।
बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी) की सीएसआर पहल के अंतर्गत बुढपुर स्थित ‘अपना घर आश्रम’ को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक वितरित किया।
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